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यहां दूल्हे नहीं हथौड़े की निकाली जाती है धूमधाम से बारात, अनोखी परंपरा को जान हो जाओगे हैरान

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 03 Mar, 2026 02:19 PM
यहां दूल्हे नहीं हथौड़े की निकाली जाती है धूमधाम से बारात, अनोखी परंपरा को जान हो जाओगे हैरान

नारी डेस्क: प्रयागराज की होली अपनी अनोखी परंपराओं के कारण विशेष पहचान रखती है। यहां होली एक दिन पहले ही उत्सव के रंग में रंग जाती है। प्रयागराज में होली की सबसे अनूठी परंपरा है‘हथौड़े की बारात‘। इस प्रतीकात्मक और अनोखी शादी में दूल्हा कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक भारी-भरकम हथौड़ा होता है, जिसे पूरे शहर में धूमधाम से घुमाया जाता है। शहरवासी ही इसके बाराती बनते हैं और नाचते-गाते हुए पूरे नगर में बारात निकालते हैं। 

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शादी से पूर्व दूल्हे राजा की भव्य बारात शहर की गलियों से गुजरती है। हजारों लोग बैंड-बाजे, डीजे और आतिशबाजी के साथ इसमें शामिल होते हैं। दूल्हे को सजा-संवार कर उसकी नजर उतारी जाती है, काला टीका लगाया जाता है और आरती उतारी जाती है ताकि किसी की नजर न लगे। घंटों तैयारी के बाद दूल्हा पूरे शाही अंदाज में सड़कों पर निकलता है। इस दौरान दुल्हन का डोला भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाला जाता है। बारातियों का स्वागत ठेठ होलियाना अंदाज में सब्जियों की माला पहनाकर किया जाता है। कुछ चुनिंदा बारातियों को विशेष रूप से तैयार किए गए मुखौटे भी पहनाए जाते हैं।
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हथौड़े की बारात में वही भव्यता देखने को मिलती है, जो किसी शाही विवाह समारोह में होती है। सैकड़ों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत हजारों लोगों की मौजूदगी में विशेष मंच सजाया जाता है और पूरे उत्सव को समारोहपूर्वक संपन्न किया जाता है। इस अनूठी शादी में संगम नगरी के आम नागरिकों के साथ-साथ कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल होती हैं। इसी आयोजन के साथ प्रयागराज की होली का औपचारिक शुभारंभ माना जाता है। 
 

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