
नारी डेस्क : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit में इस बार सुर्खियां किसी बड़ी टेक कंपनी के दिग्गज ने नहीं, बल्कि महज 8 साल के बच्चे ने बटोरीं। रणवीर सिंह सचदेवा इस समिट में सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर बनकर मंच पर पहुंचे और अपने आत्मविश्वास भरे भाषण से सभी को चौंका दिया।
नन्हे रणवीर ने किया विशेषज्ञों को भी हैरान
जब रणवीर कीनोट स्पीकर के तौर पर मंच पर आए, तो हॉल में मौजूद एआई (AI) एक्सपर्ट्स और टेक लीडर्स भी हैरान रह गए। उनकी स्पष्ट सोच, आत्मविश्वास और एआई (AI) को लेकर विजन ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। बता दें की 2017 में जन्मे रणवीर को एक चाइल्ड प्रोडिजी के रूप में जाना जाता है। वे इससे पहले भी AI for Good Global Summit और International Telecommunication Union से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में अपनी बात रख चुके हैं।
भारत के AI भविष्य पर रखा विजन
AI Impact Summit में रणवीर ने भारतीय दर्शन और आधुनिक तकनीक के मेल, इंडियन AI मॉडल और भारत में AI साक्षरता जैसे अहम मुद्दों पर बात की। उनका कहना है कि अगर सही दिशा और नीति के साथ काम किया जाए, तो भारत एआई (AI) के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है। रणवीर के अनुसार उनका प्रस्तावित AI मॉडल देश की जीडीपी और डिजिटल समझ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
Apple से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक
रणवीर इससे पहले बेहद कम उम्र में Apple Swift प्रोग्रामर बनने वालों में शामिल हो चुके हैं। Tim Cook ने उन्हें Apple के कैलिफोर्निया स्थित मुख्यालय में आयोजित एक इवेंट के लिए आमंत्रित भी किया था। इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने भी उन्हें AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बोलने के लिए बुलाया था। वे United Nations मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा ले चुके हैं।
सोशल मीडिया पर छाए रणवीर
रणवीर के भाषण की क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे सिर्फ एक बच्चे की उपलब्धि नहीं, बल्कि नए भारत की तस्वीर बता रहे हैं। जहां सीखने की चाह, आत्मविश्वास और अवसर मिलें, तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती। AI Impact Summit में रणवीर की मौजूदगी ने यह साफ संदेश दे दिया कि अगर जज्बा हो, तो कोई भी मंच दूर नहीं।