नारी डेस्क : कैंसर के लक्षणों को शुरुआती दौर में पहचान पाना अक्सर मुश्किल होता है। इसकी वजह यह है कि इसके कई संकेत आम और हल्की बीमारियों जैसे दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर कोई परेशानी लगातार बनी रहे या समय के साथ बढ़ती जाए, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। कैंसर कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो अचानक हो जाती है। शरीर शुरुआत से ही कुछ संकेत देने लगता है। अगर इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए, तो इलाज आसान हो सकता है और जान का खतरा भी टल सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ लक्षण, जिन पर खास ध्यान देना जरूरी है।
लगातार थकान रहना
अगर पर्याप्त नींद और पौष्टिक भोजन लेने के बावजूद भी शरीर हर समय थका हुआ महसूस करता है और कई दिनों तक कमजोरी बनी रहती है, तो यह सामान्य नहीं है। लंबे समय तक बनी रहने वाली थकान ल्यूकेमिया जैसे ब्लड कैंसर का संकेत हो सकती है।

बिना वजह वजन कम होना
अगर बिना डाइट या एक्सरसाइज किए अचानक 5–10 किलो वजन कम होने लगे, तो सावधान हो जाएं। यह पेट, फेफड़े, भोजन नली (इसोफेगस) या पैंक्रियास कैंसर का लक्षण हो सकता है। अपने आप वजन कम होना कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बाथरूम की आदतों में बदलाव
लगातार कब्ज या दस्त रहना, मल या पेशाब में खून आना, पेशाब करते समय जलन होना—ये लक्षण कोलन, प्रोस्टेट या ब्लैडर कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। अगर ये समस्याएं बार-बार हो रही हों, तो तुरंत जांच कराएं।
निगलने में परेशानी
खाना या पानी निगलने में दिक्कत, सीने में जलन, लंबे समय तक अपच या गले में खराश रहना गले, भोजन नली या पेट के कैंसर का संकेत हो सकता है। गले की परेशानी को लंबे समय तक अनदेखा न करें।

लंबे समय तक खांसी
अगर कई हफ्तों तक खांसी ठीक न हो, गला हमेशा सूखा लगे या खांसते समय खून आए, तो यह केवल इंफेक्शन नहीं बल्कि फेफड़े, गले या थायरॉयड कैंसर का लक्षण भी हो सकता है।
त्वचा में असामान्य बदलाव
त्वचा पर नए तिल बनना, पुराने तिल के रंग या आकार में बदलाव, बिना वजह गांठ या सूजन, खुजली या लाल चकत्ते ये सभी स्किन कैंसर या अंदरूनी कैंसर के संकेत हो सकते हैं। गर्दन, बगल या जांघ में सख्त गांठों को नजरअंदाज न करें।
ब्रेस्ट में बदलाव
ब्रेस्ट में गांठ, दर्द, निप्पल से डिस्चार्ज, या निप्पल के रंग और आकार में बदलाव ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है। पुरुषों में भी ब्रेस्ट से जुड़ा कोई बदलाव हो तो जांच जरूरी है।

शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द
अगर कमर, पीठ, घुटनों या हड्डियों में दर्द लंबे समय तक बना रहे और दवाओं से भी ठीक न हो, तो यह हड्डी, अंडाशय या अग्न्याशय (पैंक्रियास) कैंसर से जुड़ा हो सकता है।
रात में पसीना, बुखार या बार-बार संक्रमण
बार-बार बुखार आना, रात में ज्यादा पसीना आना या बार-बार संक्रमण होना कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत है। यह लिम्फोमा या ल्यूकेमिया जैसे कैंसर से जुड़ा हो सकता है।
नोट: ये सभी लक्षण कैंसर की पुष्टि नहीं करते, लेकिन यह जरूर बताते हैं कि शरीर में कुछ गड़बड़ है।
अगर इनमें से कोई भी परेशानी 2–3 हफ्तों से ज्यादा बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
समय पर जांच कराने से कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है।