
नारी डेस्क : शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाना आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। यूरिक एसिड एक प्रकार का अपशिष्ट पदार्थ है, जिसे किडनी सामान्य रूप से फिल्टर करके बाहर निकालती है। जब यह शरीर में जरूरत से ज्यादा बनने लगे और किडनी इसे सही ढंग से बाहर न निकाल पाए, तो इसके कारण गाउट, जोड़ों में दर्द, पथरी और सूजन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने के 7 प्रमुख लक्षण
जोड़ों में दर्द: यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स जोड़ों में जमने लगते हैं। खासकर पैर के अंगूठे और हाथ-पैर की उंगलियों में अकड़न और तेज दर्द महसूस होता है।
सूजन और लालिमा: प्रभावित जोड़ सूज जाते हैं और लाल नजर आने लगते हैं।
अकड़न और जकड़न: लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने पर हड्डियों और जोड़ों में अकड़न होती है।
त्वचा पर गांठें (Tophi): बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण जोड़ों और कानों के पास सख्त गांठें बन सकती हैं।
पेशाब से जुड़ी परेशानियां: बार-बार पेशाब करने की इच्छा, पेशाब में खून आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पथरी की संभावना: अधिक यूरिक एसिड किडनी स्टोन का कारण बन सकता है। पीठ और पेट के किनारे तेज दर्द महसूस होता है।
त्वचा और जोड़ों में लालिमा: सूजन के साथ प्रभावित क्षेत्रों में त्वचा लाल हो सकती है।

यूरिक एसिड बढ़ाने वाले प्रमुख कारण
लाल मीट और कलेजी
मछली और अन्य सीफूड
दालें और बीन्स जैसे उड़द, राजमा
शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक्स और जूस
शराब और बीयर।

घरेलू उपाय और बचाव
पानी अधिक पिएं: किडनी को यूरिक एसिड फिल्टर करने में मदद मिलेगी।
सेब का सिरका: बराबर मात्रा में पानी में मिलाकर रोजाना सेवन करें।
नींबू पानी: गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीने से यूरिक एसिड लेवल नियंत्रित रहता है।
स्वस्थ आहार और व्यायाम: शुगर, तली-भुनी चीजों और रेड मीट से परहेज करें।
यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना सामान्य माना जाता है, लेकिन इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यदि जोड़ों में दर्द, सूजन या पेशाब से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी रहें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।