नारी डेस्क : शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन्स की पर्याप्त मात्रा बेहद ज़रूरी होती है। जब किसी जरूरी विटामिन की कमी हो जाती है, तो शरीर इसके संकेत खुद देने लगता है। मसूड़ों से बार-बार खून आना, बिना वजह शरीर पर नीले निशान पड़ना या हल्की चोट में ज्यादा खून बहना। ये सभी लक्षण विटामिन K की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि यह विटामिन क्यों इतना जरूरी है और इसकी कमी से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं।
क्या है विटामिन K और शरीर में इसकी भूमिका
विटामिन K एक फैट में घुलनशील (Fat-soluble) विटामिन है, जो शरीर में खून जमने की प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है। यह कई ऐसे प्रोटीन को सक्रिय करता है, जो ब्लीडिंग को रोकने में मदद करते हैं। अगर शरीर में विटामिन K की मात्रा कम हो जाए, तो खून बहना आसानी से नहीं रुकता और शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है।

हड्डियों और दिल की सेहत से भी जुड़ा है विटामिन K
खून जमाने के अलावा विटामिन K
ऑस्टियोकैल्सिन नामक प्रोटीन के निर्माण में मदद करता है, जिससे कैल्शियम हड्डियों से जुड़कर उन्हें मजबूत बनाता है
इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है
यह आर्टरीज में कैल्शियम जमने को नियंत्रित करता है, जिससे हार्ट डिजीज का जोखिम कम होता है
यानी मजबूत हड्डियों और स्वस्थ दिल के लिए भी विटामिन K बेहद जरूरी है।
नवजात शिशुओं के लिए क्यों है यह बेहद जरूरी
नवजात बच्चों में विटामिन K की कमी से हेमोरेजिक डिजीज ऑफ द न्यूबॉर्न (Vitamin K Deficiency Bleeding – VKDB) हो सकती है।
ऐसा इसलिए क्योंकि जन्म के समय शिशु के शरीर में विटामिन K का भंडार कम होता है
आंतों में वे बैक्टीरिया नहीं होते, जो विटामिन K बनाते हैं
गंभीर मामलों में दिमाग के अंदर खून बहने जैसी जानलेवा स्थिति भी बन सकती है।
इसी वजह से जन्म के बाद शिशुओं को विटामिन K का इंजेक्शन दिया जाता है।

विटामिन K की कमी के लक्षण
वयस्कों में विटामिन K की कमी से ये लक्षण दिख सकते हैं
मसूड़ों से खून आना
नाक से बार-बार खून आना
हल्की चोट में ज्यादा ब्लीडिंग
बिना वजह शरीर पर नीले निशान पड़ना
घाव भरने में ज्यादा समय लगना
इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
किन लोगों में होता है ज्यादा खतरा
National Library of Medicine के अनुसार, कुछ लोग विटामिन K की कमी के ज्यादा जोखिम में होते हैं।
जो लोग ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं
लंबे समय तक एंटीबायोटिक का सेवन करने वाले
जिनकी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां कम होती हैं
विटामिन A या E की अत्यधिक मात्रा लेने वाले
जिन लोगों को ऐसी बीमारियां हैं, जिनमें शरीर फैट को ठीक से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता।

जानें कैसे करें बचाव
पालक, मेथी, ब्रोकली, पत्तागोभी जैसी हरी सब्जियां डाइट में शामिल करें
संतुलित और पौष्टिक आहार लें
बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट न लें
किसी भी लक्षण पर समय रहते जांच कराएं।
अगर आपको बार-बार ब्लीडिंग, नीले निशान या कमजोरी जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराना जरूरी है, ताकि समय रहते विटामिन K की कमी को ठीक किया जा सके।