नारी डेस्क: होली का त्योहार खुशियों और स्वादिष्ट पकवानों से भरा होता है। इस दिन घरों में गुजिया, पकौड़े, दही-भल्ले, पापड़ी-चाट और ठंडाई जैसे लजीज व्यंजन बनाए और खाए जाते हैं। लेकिन जब तला-भुना और मसालेदार खाना जरूरत से ज्यादा खा लिया जाता है, तो पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी और आलस महसूस होने लगता है। कई बार ऐसा लगता है जैसे शरीर अंदर से बोझिल हो गया हो। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान और घरेलू तरीकों से आप अपने शरीर को डिटॉक्स कर सकते हैं और पाचन तंत्र को फिर से बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं आसान और असरदार उपाय।
भरपूर मात्रा में पानी पिएं
होली के बाद शरीर को सबसे ज्यादा जरूरत होती है पानी की। ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। इसलिए दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी शरीर से गंदगी और हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे पेट हल्का महसूस होता है और त्वचा पर भी अच्छा असर दिखता है। कोशिश करें कि आप सादा या हल्का गुनगुना पानी पिएं, क्योंकि यह पाचन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।

सुबह पिएं गुनगुना नींबू पानी
अगर होली के अगले दिन पेट भारी लग रहा है, तो सुबह खाली पेट एक गिलास हल्का गुनगुना नींबू पानी पिएं। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ लें और धीरे-धीरे पिएं। नींबू पानी शरीर का पीएच लेवल संतुलित करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को एक्टिव करता है। यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में भी सहायक होता है। इससे एसिडिटी और गैस की समस्या में भी राहत मिलती है।
फाइबर से भरपूर भोजन करें
जब पेट भारी हो तो दोबारा तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से बचें। ऐसे समय में हल्का और फाइबर से भरपूर भोजन लेना चाहिए। फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और पेट साफ करने में मदद करता है। आप अपने खाने में पपीता, तरबूज, सेब, ओट्स, दलिया या सादी खिचड़ी शामिल कर सकते हैं। ये चीजें पेट पर हल्की होती हैं और जल्दी पच जाती हैं। फाइबर कब्ज की समस्या को भी दूर करता है और पेट को आराम देता है।

हर्बल टी का करें सेवन
होली के दिन और उसके बाद अक्सर लोग बार-बार दूध वाली चाय पी लेते हैं, जिससे भारीपन और बढ़ सकता है। ऐसे में हर्बल टी बेहतर विकल्प है। आप अदरक की चाय, तुलसी की चाय या ग्रीन टी पी सकते हैं। अदरक पाचन सुधारने में मदद करती है, तुलसी गैस और सूजन को कम करती है, और ग्रीन टी शरीर को अंदर से साफ करने में सहायक होती है। दिन में एक या दो बार हर्बल टी पीना फायदेमंद रहता है।
दही या छाछ जरूर लें
अगर ज्यादा मसालेदार और तला हुआ खाना खा लिया है तो दही या छाछ का सेवन जरूर करें। इनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। एक कटोरी ताजा दही या एक गिलास छाछ पीने से पेट की जलन शांत होती है और पाचन बेहतर होता है। इससे एसिडिटी और गैस की समस्या में भी राहत मिलती है। दही और छाछ शरीर को ठंडक भी देते हैं और पेट को आराम पहुंचाते हैं। होली का त्योहार साल में एक बार आता है, इसलिए पकवानों का आनंद लेना स्वाभाविक है। लेकिन अगर ज्यादा खाने से शरीर में भारीपन महसूस हो रहा है, तो इन आसान उपायों को अपनाकर आप अपने शरीर को दोबारा हल्का और तरोताजा महसूस करा सकते हैं।