नारी डेस्क : अक्सर महिलाएं यह मान लेती हैं कि मेनोपॉज (माहवारी बंद होना) के बाद अब गायनेकोलॉजिस्ट के पास नियमित जांच की जरूरत नहीं रहती। उन्हें लगता है कि पीरियड्स खत्म होने के साथ ही सेहत से जुड़ी चिंताएं भी खत्म हो जाती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो यही लापरवाही आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी का खतरा बढ़ा सकती है। दरअसल, मेनोपॉज के बाद शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव और इम्युनिटी में गिरावट महिलाओं की सेहत पर गहरा असर डाल सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
मेनोपॉज सिर्फ पीरियड्स का रुकना नहीं
मेनोपॉज को अक्सर केवल माहवारी बंद होने से जोड़ा जाता है, जबकि यह समय शरीर के अंदर कई बड़े बदलाव लेकर आता है।
हार्मोन में गिरावट
हड्डियों की कमजोरी
मूड और नींद में बदलाव
और सबसे अहम इम्युनिटी का कमजोर होना
यही वजह है कि इस उम्र में महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर और ज्यादा सजग रहने की जरूरत होती है।

उम्र और इम्युनिटी का गहरा कनेक्शन
डॉक्टर बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है।
इसे मेडिकल भाषा में इम्यूनोसेनेसेंस (Immunosenescence) कहा जाता है।
इस स्थिति में शरीर की रक्षा प्रणाली पहले जैसी तेज और मजबूत नहीं रह पाती, जिससे पुराने संक्रमण दोबारा सक्रिय हो सकते हैं।
हार्मोनल बदलाव का असर निजी अंगों पर
मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से घटता है।
यह हार्मोन योनि के pH बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है
अच्छे बैक्टीरिया को सुरक्षित रखता है
जब एस्ट्रोजन कम होता है, तो
pH असंतुलित हो जाता है
अच्छे बैक्टीरिया घट जाते हैं
शरीर की पहली सुरक्षा परत कमजोर पड़ जाती है
यहीं से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।

क्या इम्युनिटी गिरने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ता है?
डॉक्टर के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर अचानक नहीं होता।
यह आमतौर पर हाई-रिस्क ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के लंबे समय तक शरीर में बने रहने से विकसित होता है।
मजबूत इम्युनिटी अक्सर HPV को खुद ही खत्म कर देती है
लेकिन जब इम्युनिटी कमजोर होती है, तो वायरस सालों तक शरीर में बना रह सकता है
यही स्थिति आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकती है।
किन महिलाओं में खतरा ज्यादा होता है?
जिनकी इम्युनिटी पहले से कमजोर हो
HIV से पीड़ित महिलाएं
अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) करा चुकी महिलाएं
लंबे समय तक स्टेरॉयड या इम्युनिटी दबाने वाली दवाएं लेने वाली महिलाएं
ध्यान दें: मेनोपॉज खुद कैंसर की वजह नहीं बनता, लेकिन उम्र + हार्मोनल बदलाव मिलकर खतरा बढ़ा सकते हैं।
पुराने HPV संक्रमण का दोबारा जागना
कई बार HPV का संक्रमण जवानी में होता है और सालों तक शांत रहता है।
लेकिन उम्र बढ़ने और इम्युनिटी गिरने पर यह वायरस फिर से एक्टिव हो सकता है।
इसलिए डरने की नहीं, बल्कि जागरूक रहने की जरूरत है।

मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए जरूरी सलाह
नियमित जांच बंद न करें
पीरियड्स बंद होने का मतलब यह नहीं कि जांच की जरूरत खत्म हो गई
Pap Smear और HPV Test समय पर कराते रहें
डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए जांच का सही अंतराल क्या है
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग
लगातार या बदबूदार डिस्चार्ज
पेल्विक दर्द
संबंध बनाते समय दर्द।
इम्युनिटी मजबूत रखना है जरूरी
डायबिटीज कंट्रोल में रखें
खून, आयरन और विटामिन की कमी न होने दें
अच्छी नींद लें
रोज हल्की फिजिकल एक्टिविटी करें
धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं।

ऐसे करें सर्वाइकल कैंसर से बचाव
समय पर जांच
हेल्दी लाइफस्टाइल
इम्युनिटी मजबूत रखना
बच्चों को HPV वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करना
सर्वाइकल कैंसर उन बीमारियों में शामिल है जिन्हें रोका जा सकता है, बस जरूरत है सही जानकारी और समय पर एक्शन की।