
नारी डेस्क: क्या कोई महिला… किसी दूसरी, वो भी मृत महिला की कोख से मां बन सकती है? सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन ब्रिटेन में यह सच हो चुका है। मेडिकल साइंस ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। एक डोनेट की गई बच्चेदानी से जन्मे नन्हे बच्चे ने न सिर्फ अपने माता-पिता की जिंदगी बदल दी, बल्कि मेडिकल साइंस के इतिहास में भी एक नया अध्याय जोड़ दिया। आखिर कैसे संभव हुआ यह चमत्कार?
क्यों थी बच्चेदानी ट्रांसप्लांट की जरूरत?
ब्रिटेन की रहने वाली ग्रेस बेल की अपनी बच्चेदानी इतनी मजबूत नहीं थी कि वह बच्चे को गर्भ में रख सकें। यह समस्या कई महिलाओं के लिए चिंता का कारण बनती है, खासकर उन महिलाओं के लिए जिनमें जन्म से या बाद में गर्भाशय की कमजोरी होती है। इस कारण डॉक्टरों ने ग्रेस को मृत महिला की डोनेट की गई बच्चेदानी ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया।

अंगदान और बच्चेदानी ट्रांसप्लांट
अंगदान के बारे में आपने सुना होगा, जैसे दिल, किडनी या लिवर। अधिकतर अंग किसी व्यक्ति के निधन के बाद ही दान किए जाते हैं। इसी तरह, इस मामले में भी मृत महिला की बच्चेदानी को ग्रेस में ट्रांसप्लांट किया गया। यह ट्रांसप्लांट सफल रहा और ग्रेस ने इससे एक स्वस्थ बेटे ह्यूगो को जन्म दिया। ह्यूगो अब 10 हफ्ते का हो चुका है और पूरी तरह स्वस्थ है। ग्रेस और उनके पति स्टीव पॉवेल ने उस महिला और उनके परिवार का धन्यवाद किया, जिनकी इस डोनेशन की वजह से वे माता-पिता बन सके। उन्होंने ऑक्सफोर्ड और लंदन की मेडिकल टीम को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद कहा।
ग्रेस की खुशी और भावनाएं
ग्रेस ने कहा, "मैं उस महिला को हमेशा याद रखूंगी, जिन्होंने मुझे अपनी बच्चेदानी दान की। उन्हीं की वजह से मैं मां बनने की खुशी महसूस कर पाई।" उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने ह्यूगो का छोटा चेहरा देखा, तो उन्हें लगा कि वह कोई सपना देख रही हैं।
डॉक्टरों की प्रतिक्रिया
इस ट्रांसप्लांट और डिलीवरी को शामिल डॉक्टरों ने "क्रांतिकारी पल" बताया है। उनका कहना है कि यह उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगा, जो गर्भाशय या प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही हैं। इस तरह, ब्रिटेन में हुए इस मेडिकल चमत्कार ने कई महिलाओं के लिए नई उम्मीद जगाई है और यह दिखाता है कि आधुनिक चिकित्सा और अंगदान से जीवन बदलने वाले चमत्कार संभव हैं।