
नारी डेस्क: क्या आप जानते हैं कि बच्चे जन्म से पहले ही चलने की प्रैक्टिस करना शुरू कर सकते हैं? प्रेग्नेंसी के दौरान आपको जो किक और रोल महसूस होते हैं, वे कोई रैंडम मूवमेंट नहीं हैं - वे एक शानदार डेवलपमेंट प्रोसेस का हिस्सा हैं जिसमें आपका बच्चा मसल्स को मजबूत करता है, कोऑर्डिनेशन बनाता है, और गर्भ के बाहर जीवन के लिए ज़रूरी मोटर स्किल्स बनाता है।
गर्भ में बच्चे की हलचल कब होती है
गर्भावस्था के लगभग 16–25 हफ्तों के बीच मां को पहली बार बच्चे की मूवमेंट महसूस होती है, जिसे “क्विकनिंग” कहा जाता है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चा गर्भ में हाथ-पैर हिलाकर मांसपेशियों को मजबूत करता है। ये मूवमेंट उसके नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) के विकास का हिस्सा हैं। पैरों की किक्स चलने (walking) की शुरुआती तैयारी मानी जाती हैं।
गर्भ में बच्चा सीखता है ये बातें
विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्भ में बच्चा लात मारना, हाथ फैलाना और शरीर मोड़ना सीखता है। ये गतिविधियां जन्म के बाद के मोटर स्किल्स (जैसे बैठना, रेंगना, चलना) की नींव रखती हैं। मूवमेंट से जोड़ों और हड्डियों का विकास बेहतर होता है। यानी ये हरकतें शरीर के समन्वय (coordination) को विकसित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
मां इन बातों का रखें ध्यान
नियमित किक्स बच्चे के स्वस्थ होने का संकेत मानी जाती हैं। 28 हफ्तों के बाद यदि किक्स सामान्य से काफी कम महसूस हों, पूरे दिन में बहुत कम हलचल हो,कोई असामान्य दर्द या असहजता हो तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गर्भ में बच्चे की किक्स केवल यूं ही नहीं होतीं। वे उसके शारीरिक और तंत्रिका विकास का अहम हिस्सा हैं। इन्हीं छोटी-छोटी हरकतों से वह जन्म के बाद चलने और अन्य गतिविधियों के लिए खुद को तैयार करता है।