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डॉक्टरों ने कर दिखाया कमाल, जन्म के 40 मिनट बाद नवजात की Heart Surgery

  • Edited By Monika,
  • Updated: 13 Mar, 2026 03:18 PM
डॉक्टरों ने कर दिखाया कमाल, जन्म के 40 मिनट बाद नवजात की Heart Surgery

नारी डेस्क : मां बनना हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत और भावुक पल होता है। हर मां की यही इच्छा होती है कि उसका बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित जन्म ले। लेकिन कभी-कभी परिस्थितियां इतनी कठिन हो जाती हैं कि बच्चे की जान बचाना ही सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसा ही एक मामला राजधानी दिल्ली के Fortis Escorts Heart Institute से सामने आया, जहां डॉक्टरों ने महज 40 मिनट के नवजात शिशु के दिल की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचा ली। जन्म के तुरंत बाद किए गए इस इलाज के सफल होने पर बच्चे की मां ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरी मेडिकल टीम का आभार जताया।

जन्म के कुछ ही मिनट बाद करनी पड़ी सर्जरी

डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे का जन्म 31 सप्ताह में सी-सेक्शन के जरिए हुआ था। जन्म के तुरंत बाद उसे अस्पताल लाया गया, जहां पहले से तैयार पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया और नियोनेटोलॉजी की टीम ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि नवजात का दिल तरल पदार्थ से घिरा हुआ था और उसका हार्ट वाल्व बेहद संकरा था, जिससे दिल ठीक से काम नहीं कर पा रहा था। यह गंभीर समस्या गर्भावस्था के दौरान ही अल्ट्रासाउंड जांच में सामने आ गई थी।

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एडवांस तकनीक से किया गया इलाज

इस जटिल स्थिति में डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड-गाइडेड वैस्कुलर एक्सेस तकनीक की मदद से रक्तवाहिनियों की स्थिति का पता लगाया। इसके बाद बच्चे का इलाज बैलून एओर्टिक वॉल्वोटोमी (Balloon Aortic Valvotomy) नामक प्रक्रिया से किया गया। सर्जरी के बाद इकोकार्डियोग्राफी जांच में पता चला कि शिशु का एओर्टिक वाल्व अब ठीक तरह से खुल रहा है और दिल का कामकाज भी सामान्य होने लगा है। इसके बाद नवजात को निगरानी के लिए नियोनेटल नर्सरी में रखा गया, जहां उसके वजन और रिकवरी पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

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डॉक्टरों के लिए भी थी बड़ी चुनौती

इस सर्जरी में शामिल डॉक्टर ने बताया कि यह मामला उनके सामने आए सबसे चुनौतीपूर्ण मामलों में से एक था। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का हार्ट वाल्व बहुत संकरा था, हृदय की मांसपेशियां कमजोर थीं और दिल के आसपास तरल पदार्थ भी जमा था। हालांकि सही योजना, तुरंत कार्रवाई और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के समन्वय से गोल्डन आवर में ही सफल इलाज संभव हो पाया।

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मां ने कहा, मेरे बच्चे का बचना चमत्कार

सफल सर्जरी के बाद नवजात की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि गर्भ में बच्चे की बीमारी के बारे में सुनकर परिवार बेहद डर गया था और हर दिन चिंता में गुजर रहा था। उन्होंने कहा, “जब मेरे बच्चे को जन्म के कुछ ही मिनटों बाद इतनी नाजुक सर्जरी से गुजरते देखा तो दिल दहल गया था, लेकिन डॉक्टरों की मेहनत से उसका बचना हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। हम पूरी मेडिकल टीम के हमेशा आभारी रहेंगे।”
 

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