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सिंदूर लगाने से पहले जान लें ये 7 जरूरी नियम, नहीं होगी कोई अशुभता

  • Edited By Monika,
  • Updated: 12 Mar, 2026 01:44 PM
सिंदूर लगाने से पहले जान लें ये 7 जरूरी नियम, नहीं होगी कोई अशुभता

नारी डेस्क : हिंदू संस्कृति में सिंदूर सुहाग और वैवाहिक जीवन का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। शादीशुदा महिलाओं के लिए इसे लगाना सौभाग्य, प्रेम और समृद्धि का संकेत होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सिंदूर केवल श्रृंगार का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन से भी जुड़ा माना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सिंदूर लगाने के कुछ खास नियम भी बताए गए हैं। अगर इन नियमों का पालन न किया जाए तो शुभता का प्रभाव कम हो सकता है। इसलिए सिंदूर लगाने से पहले इन जरूरी बातों को जान लेना चाहिए।

स्नान के बाद ही लगाएं सिंदूर

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सिंदूर हमेशा स्नान करने के बाद ही लगाना चाहिए। इससे शरीर और मन दोनों शुद्ध रहते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

सबके सामने सिंदूर लगाने से बचें

मान्यता है कि महिलाओं को सार्वजनिक स्थान पर या लोगों के सामने सिंदूर नहीं लगाना चाहिए। इसे एकांत में और सम्मानपूर्वक लगाया जाना चाहिए, जिससे दांपत्य जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।

पहले माता गौरी को अर्पित करें

सिंदूर लगाने से पहले इसे माता गौरी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से देवी का आशीर्वाद मिलता है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।

बैठकर और सिर ढककर लगाएं सिंदूर

धार्मिक परंपराओं के अनुसार खड़े होकर सिंदूर लगाना सही नहीं माना जाता। इसे हमेशा बैठकर और सिर ढककर लगाना चाहिए, ताकि इसका पूरा शुभ फल प्राप्त हो सके।

सही दिशा की ओर मुख करके लगाएं

सिंदूर लगाते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और पति की आयु लंबी होने की मान्यता है।

आंचल या दुपट्टे का उपयोग करें

सिंदूर लगाते समय सिर को दुपट्टे या आंचल से ढकना भी शुभ माना जाता है। इससे दांपत्य जीवन में प्रेम और सम्मान बना रहता है।

सिंदूर लगाते समय करें इस मंत्र का जाप

धार्मिक मान्यता है कि सिंदूर लगाते समय अगर इस मंत्र का जाप किया जाए तो यह अत्यंत शुभ फलदायी होता है
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
इस मंत्र के जाप से वैवाहिक जीवन में प्रेम, सुख और समृद्धि बनी रहती है।

सिंदूर का महत्व

सिंदूर केवल एक श्रृंगार नहीं है, बल्कि यह आस्था, परंपरा और वैवाहिक सुख का प्रतीक है। यदि इसे सही नियमों और श्रद्धा के साथ लगाया जाए तो यह दांपत्य जीवन में खुशियां और सौभाग्य लाने वाला माना जाता है।
 

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