नारी डेस्क: प्रोटीन का सेवन बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। यह उनकी मांसपेशियों, शरीर में सेल्स के प्रोडक्शन और टिशू को रिपेयर करने में काम आता है। इसके अलावा हड्डियों और मांसपेशियों सहित सभी अंगों के विकास के लिए, एंजाइम, इम्यूनिटी मोलिक्यूल्स और हार्मोन के उत्पादन के लिए भी प्रोटीन की आवश्यकता है। छोटे बच्चों में प्रोटीन की कमी (Protein Deficiency) उनके शारीरिक और मानसिक विकास को रोक सकती है। साथ ही कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं भी हो सकती है। इसलिए ये ध्यान रखना जरूरी है कि कही आपके बच्चों में भी तो प्रोटीन की कमी नहीं है। चलिए जानते है इसके लक्षण...
छोटे बच्चों में प्रोटीन की कमी के प्रमुख लक्षण (Symptoms)

धीमा शारीरिक विकास (Stunted Growth)
उम्र के हिसाब से वजन और लंबाई न बढ़ना सबसे आम लक्षण है।
कमजोरी और थकान
बच्चा हमेशा सुस्त रहता है और खेलने-कूदने में रुचि कम दिखाता है।
कमजोर इम्यूनिटी
बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है, जैसे सर्दी-खांसी या कोई इन्फेक्शन जल्दी होना।
रूखे बाल और त्वचा
बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं और त्वचा रूखी-बेजान हो जाती है।

सूजन (Oedema)
शरीर में प्रोटीन की कमी से पेट, एड़ी और हाथों में सूजन आ सकती है।
मांसपेशियों का विकास न होना
शरीर कमजोर महसूस होता है और मांसपेशियां ठीक से विकसित नहीं होतीं।
भूख न लगना या ज्यादा लगना
बच्चा या तो खाना कम खाता है या उसे लगातार भूख लगती है।
प्रोटीन की कमी से बच्चों को होने वाली बीमारियां

मैरास्मस (Marasmus)
बच्चों में प्रोटीन की कमी होने से उन्हें कई बीमारियां लग सकती है। जिनमें से एक मैरास्मस है। ये प्रोटीन और कैलोरी की कमी के कारण होने वाली बीमारी है, जो शिशुओं और बहुत छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। इससे बच्चे का वजन अचानक कम हो सकता है और डिहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है। इस बीमारी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के कारण मांसपेशियों के विकास में कमी आ सकती है।
क्वाशियोरकोर (Kwashiorkor)
यह प्रोटीन की गंभीर कमी के कारण होने वाला एक प्रकार का कुपोषण है, जो आमतौर पर 1-5 वर्ष के बच्चों में देखा जाता है। इसमें कैलोरी तो पर्याप्त हो सकती है, लेकिन प्रोटीन की कमी होती है। इसके मुख्य लक्षणों में पेट और पैरों में सूजन (एडिमा), यकृत (liver) का बढ़ना, त्वचा में बदलाव और बालों का झड़ना शामिल है। यह अक्सर स्तनपान छुड़ाने के बाद खराब पोषण के कारण होता है। क्वाशीयोरकोर वाले बच्चों के पेट में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिसके कारण पेट फूला हुआ दिखाई देता है।

कैशेक्सिया (Cachexia)
कैशेक्सिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें प्रोटीन की कमी, हड्डियों में कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं देखने को मिलती है। इस समस्या में बच्चे का वजन घटने लगता है, पेट से जुड़ी समस्याएं, कोलन, लीवर, बिलियरी ट्रैक्ट और अग्न्याशय में परेशानी आदि होने लगती है। ऐसा उनके शरीर में प्रोटीन, कैलोरी और कई पोषक तत्वों के अभाव में होता है।
हड्डियों में कमजोरी (Weak Bones Problem)
बच्चों में जब प्रोटीन की कमी होती है, तो इससे हड्डियों की कमजोरी का खतरा भी बढ़ सकता है। इससे फ्रैक्चर और हड्डियां टूटने का डर भी रहता है।