नारी डेस्क : आजकल नेल एक्सटेंशन और एक्रिलिक नेल्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लंबे, चमकदार और स्टाइलिश नाखून कई लोगों को बेहद आकर्षक लगते हैं। खास मौकों, शादी-पार्टी या रोजमर्रा के फैशन के लिए भी लोग नेल एक्सटेंशन करवाना पसंद करते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट का मानना है कि इनका बार-बार इस्तेमाल नाखूनों और त्वचा की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। दरअसल, नेल एक्सटेंशन लगाने की प्रक्रिया में यूवी लाइट और कुछ केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जो लंबे समय तक त्वचा और नाखूनों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक्रिलिक नेल्स भले ही सुंदर और लंबे समय तक टिकने वाले लगते हों, लेकिन इनके इस्तेमाल से जुड़े कुछ छिपे हुए जोखिम भी होते हैं। समस्या सीधे एक्रिलिक नेल्स से नहीं, बल्कि उन्हें लगाने की प्रक्रिया से जुड़ी होती है। इस प्रक्रिया में एक खास पाउडर और लिक्विड को मिलाकर नाखूनों पर लगाया जाता है, जिसे बाद में यूवी लैंप के नीचे सख्त किया जाता है। यही यूवी लाइट चिंता का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यूवीए किरणें त्वचा की कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अगर लंबे समय तक बार-बार इसका एक्सपोजर होता रहे, तो त्वचा से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि कभी-कभार नेल एक्सटेंशन करवाना ज्यादा खतरनाक नहीं माना जाता, लेकिन यदि इसे लगातार और लंबे समय तक करवाया जाए तो जोखिम बढ़ सकता है।

स्किन पर भी पड़ सकता है असर
कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि यूवी लैंप के नीचे बार-बार हाथ रखने से त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा कई एक्रिलिक नेल उत्पादों में फॉर्मल्डिहाइड और टोल्यून जैसे केमिकल पाए जाते हैं, जो त्वचा में जलन, एलर्जी या संवेदनशीलता बढ़ा सकते हैं। जब ये रसायन और यूवी किरणें एक साथ असर डालते हैं, तो त्वचा पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि नेल एक्सटेंशन करवाते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

जोखिम को कैसे कम करें?
विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ आसान सावधानियों से नेल एक्सटेंशन से होने वाले जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नेल एक्सटेंशन करवाने से पहले हाथों और उंगलियों पर सनस्क्रीन लगाएं। पारंपरिक यूवी लैंप की जगह एलईडी लैंप का इस्तेमाल करवाना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें अल्ट्रावायलेट किरणें कम होती हैं। बार-बार नेल एक्सटेंशन करवाने से बचें और नाखूनों को समय-समय पर आराम दें।

किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
डॉक्टरों के अनुसार, नेल एक्सटेंशन को रोजमर्रा की आदत बनाने के बजाय केवल खास मौकों तक सीमित रखना बेहतर होता है। इसके अलावा हमेशा किसी विश्वसनीय और साफ-सुथरे सैलून में ही यह प्रक्रिया करवानी चाहिए। एक और आम गलती जो लोग करते हैं, वह है घर पर ही एक्रिलिक नेल्स हटाने की कोशिश करना। ऐसा करने से नाखून कमजोर हो सकते हैं और त्वचा को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए नेल एक्सटेंशन हटाने के लिए हमेशा एक्सपर्ट की मदद लेना ही सुरक्षित तरीका माना जाता है।