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Women's Day  : महिलाओं के लिए खुश होने का दिन, हर नारी जान ले ये अधिकार

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 08 Mar, 2026 11:08 AM
Women's Day  : महिलाओं के लिए खुश होने का दिन, हर नारी जान ले ये अधिकार

नारी डेस्क:  महिला दिवस के मौके पर अपनी रिश्तेदारों, सहेलियों और सहयोगी महिलाओं को शुभकामना संदेश भेजने के साथ ही कार्ड, चॉकलेट, फूल और अन्य उपहार देने की तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, इस बात से बहुत ज्यादा लोग वाकिफ नहीं हैं कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आखिर क्यों और कब से मनाया जाता है। दरअसल साल 1908 में एक महिला मजदूर आंदोलन की वजह से महिला दिवस मनाने की परंपरा की शुरूआत हुई। 
 

इस तरह हुई महिला दिवस की शुरुआत 

इस दिन 15 हज़ार महिलाओं ने नौकरी के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और कुछ अन्य अधिकारों की मांग को लेकर न्यूयार्क शहर में प्रदर्शन किया। एक साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ अमेरिका ने इस दिन को पहला राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया। वर्ष 1910 में कोपनहेगन में कामकाजी महिलाओं का एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ, जिसमें इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाने का सुझाव दिया गया और धीरे-धीरे यह दिन दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में लोकप्रिय होने लगा। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता 1975 में मिली। 

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भारत में महिलाओं के प्रमुख कानूनी अधिकार और सुरक्षा

भारत में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समानता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कानून बनाए गए हैं। इन कानूनों का उद्देश्य महिलाओं को हिंसा, भेदभाव और उत्पीड़न से बचाना तथा उन्हें समाज में समान अधिकार देना है। आइए जानते हैं महिलाओं के कुछ प्रमुख कानूनी अधिकारों और सुरक्षा प्रावधानों के बारे में।

 
घरेलू हिंसा से सुरक्षा का अधिकार

अगर किसी महिला के साथ घर में शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या भावनात्मक हिंसा होती है, तो उसे कानून के तहत सुरक्षा मिलती है। इसके लिए  Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005  बनाया गया है, जो महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और सुरक्षा पाने का अधिकार देता है।

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कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा

कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013लागू किया गया है। इसके तहत किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत और कार्रवाई का प्रावधान है। महिलाओं को पुरुषों के बराबर काम के लिए समान वेतन पाने का अधिकार है। यह अधिकार Equal Remuneration Act, 1976 के तहत दिया गया है।


मातृत्व अवकाश का अधिकार

कामकाजी महिलाओं को गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के दौरान आराम और देखभाल के लिए मातृत्व अवकाश का अधिकार मिलता है। इसके लिए Maternity Benefit Act, 1961 बनाया गया है, जिसके तहत महिलाओं को भुगतान के साथ मातृत्व अवकाश दिया जाता है।


 संपत्ति में अधिकार

भारत में बेटियों को भी संपत्ति में बराबर का अधिकार दिया गया है।  Hindu Succession Act, 1956  में संशोधन के बाद बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में बेटे के समान अधिकार मिलते हैं। दहेज प्रथा को रोकने के लिए Dowry Prohibition Act, 1961  लागू किया गया है। इसके तहत दहेज लेना और देना दोनों ही अपराध माने जाते हैं। भारत में महिलाओं को सुरक्षा और समानता देने के लिए कई कानून बनाए गए हैं। इन अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि महिलाएं अपने अधिकारों का सही उपयोग कर सकें और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकें।

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