नारी डेस्क: पैरों की नसों का फूल जाना या मोटा दिखाई देना एक आम समस्या बनती जा रही है, जिसे वैरिकोज वेन्स कहा जाता है। इस स्थिति में पैरों की नसें नीली या बैंगनी रंग की उभरी हुई दिखाई देने लगती हैं और कई बार दर्द, सूजन और भारीपन जैसी परेशानी भी होने लगती है। डॉक्टरों के अनुसार, यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। दरअसल, हमारे पैरों की नसों के अंदर छोटे-छोटे वाल्व होते हैं जो खून को नीचे से ऊपर यानी पैरों से दिल की तरफ भेजने में मदद करते हैं। जब ये वाल्व कमजोर हो जाते हैं तो खून सही तरह से ऊपर नहीं जा पाता और नसों में जमा होने लगता है। इससे नसें फूल जाती हैं और वैरिकोज वेन्स की समस्या पैदा हो जाती है। आइए जानते हैं महिलाओं में यह समस्या ज्यादा क्यों होती है।
हॉर्मोनल बदलाव
महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हॉर्मोन समय-समय पर बदलते रहते हैं। इन हॉर्मोन का असर नसों की दीवारों पर भी पड़ता है, जिससे नसें कमजोर हो सकती हैं। इसी वजह से किशोरावस्था, गर्भावस्था और मेनोपॉज के समय महिलाओं में वैरिकोज वेन्स का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।

प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था)
गर्भावस्था के दौरान शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है। साथ ही बढ़ते हुए गर्भाशय का दबाव पैरों की नसों पर पड़ने लगता है। इससे पैरों से दिल की ओर खून का प्रवाह धीमा हो सकता है। इसी कारण कई गर्भवती महिलाओं के पैरों की नसें उभरी हुई दिखाई देती हैं या उनमें सूजन आ जाती है।
लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना
कुछ महिलाओं को अपने काम की वजह से लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना पड़ता है। जैसे
टीचिंग जॉब
काउंटर जॉब
किचन में लगातार काम करना
जब लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहते हैं तो पैरों में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और नसों पर दबाव बढ़ जाता है। इसलिए हर 30–40 मिनट में थोड़ा चलना-फिरना या पैरों को हिलाना जरूरी होता है।
मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी
अगर शरीर का वजन ज्यादा है तो पैरों की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। साथ ही जो महिलाएं नियमित रूप से एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधि नहीं करतीं, उनमें भी इस समस्या का खतरा बढ़ जाता है। नियमित वॉक, योग और एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और नसों पर दबाव कम होता है।

अनुवांशिक कारण (फैमिली हिस्ट्री)
अगर परिवार में पहले से किसी को वैरिकोज वेन्स की समस्या रही है, तो अन्य सदस्यों में भी इसका खतरा ज्यादा हो सकता है। इसलिए अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री में यह समस्या रही है तो शुरुआत से ही सावधानी बरतना जरूरी है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
अगर पैरों में ये लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है
पैरों में दर्द या भारीपन
सूजन आना
नसों का ज्यादा उभरना
त्वचा के रंग में बदलाव
जलन या खिंचाव महसूस होना
वैरिकोज वेन्स से बचाव कैसे करें
इस समस्या से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं
रोजाना वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें
लंबे समय तक एक ही जगह खड़े या बैठे न रहें। शरीर का वजन संतुलित रखें। पैरों को समय-समय पर आराम दें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।