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इस बामारी का इशारा है काली गर्दन और अंडरआर्म्स, इसे मैल समझने की ना करें गलती

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 05 Mar, 2026 12:28 PM
इस बामारी का इशारा है काली गर्दन और अंडरआर्म्स, इसे मैल समझने की ना करें गलती

नारी डेस्क: कई लोगों की गर्दन, बगल (अंडरआर्म्स) या शरीर के कुछ हिस्सों की त्वचा अचानक काली और मोटी-सी दिखाई देने लगती है। अक्सर लोग इसे गंदगी या सफाई की कमी समझ लेते हैं और बार-बार स्क्रब या क्रीम लगाने लगते हैं। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह हमेशा हाइजीन से जुड़ी समस्या नहीं होती। विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्दन या अंडरआर्म्स में काली और मखमली त्वचा दिखना अक्सर एक स्वास्थ्य संकेत हो सकता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Acanthosis Nigricans कहा जाता है।

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क्या होती है यह समस्या?

इस स्थिति में त्वचा मोटी, गहरी और मखमली (velvety) दिखाई देने लगती है। यह आमतौर पर इन जगहों पर दिखती है जैसे गर्दन के पीछे,अंडरआर्म्स, जांघों के बीच,  कोहनी या घुटनों के आसपास। डॉक्टर बताते हैं कि यह त्वचा पर जमा गंदगी नहीं होती, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले बदलाव का संकेत हो सकता है।


इसका सबसे बड़ा कारण क्या है?

इस समस्या का सबसे सामान्य कारण Insulin Resistance होता है। जब शरीर इंसुलिन को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता तो त्वचा की कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं, जिससे त्वचा मोटी और काली दिखने लगती है। यही वजह है कि यह समस्या अक्सर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जिन्हें Type 2 Diabetes या प्रीडायबिटीज का खतरा होता है।


किन लोगों में ज्यादा दिखती है?

डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या इन स्थितियों में अधिक हो सकती है:

-मोटापा या बढ़ता वजन
-शरीर में हार्मोनल असंतुलन
- पीसीओएस से पीड़ित महिलाएं
- डायबिटीज या प्रीडायबिटीज का खतरा
-कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट

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क्या यह सिर्फ स्किन प्रॉब्लम है?

 डॉक्टर कहते हैं कि इसे सिर्फ ब्यूटी या स्किन की समस्या समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई बार यह शरीर के अंदर चल रही मेटाबॉलिक समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। अगर गर्दन या अंडरआर्म्स की त्वचा अचानक काली और मोटी हो रही है तो ब्लड शुगर और हार्मोन टेस्ट करवाना फायदेमंद हो सकता है। इस समस्या को कम करने के लिए सिर्फ क्रीम या स्क्रब काफी नहीं होते। असली इलाज कारण को ठीक करना है। इसके लिए डॉक्टर ये सलाह देते हैंवजन कंट्रोल में रखें, नियमित एक्सरसाइज करें,  मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम करें, ब्लड शुगर की जांच करवाएं,  डॉक्टर की सलाह से इलाज लें। जब शरीर की इंसुलिन समस्या और मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर होती है तो धीरे-धीरे त्वचा का रंग और टेक्सचर भी बेहतर होने लगता है।

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