03 MARTUESDAY2026 11:47:41 AM
Life Style

चंद्र ग्रहण 2026: आज ग्रहण के बाद कब खुलेंगे मंदिर? जानें दर्शन और आरती का समय

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 03 Mar, 2026 10:21 AM
चंद्र ग्रहण 2026: आज ग्रहण के बाद कब खुलेंगे मंदिर? जानें दर्शन और आरती का समय

नारी डेस्क:  3 मार्च 2026, सोमवार की शाम चंद्र ग्रहण लग रहा है। हिंदू धर्म में ग्रहण को विशेष धार्मिक घटना माना जाता है। ग्रहण लगने से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ रोक दिया जाता है। आज सुबह लगभग 6 बजे से सूतक काल शुरू हो चुका है, इसलिए देश के कई बड़े मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं।

सूतक काल क्या होता है?

सूतक काल वह समय होता है जब पूजा-अर्चना करना वर्जित माना जाता है। भगवान की मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाता। मंदिरों में नियमित आरती और अनुष्ठान रोक दिए जाते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण किया जाता है, फिर कपाट खोले जाते हैं।

इस मंदिर में खुद बप्पा करते हैं भारतीय टीम का सिलेक्शन, बेहद दिलचस्प है यहां की कहानी

कब खुलेंगे मंदिरों के कपाट?

चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। इसके बाद मंदिरों में गंगाजल से शुद्धिकरण किया जाएगा। शुद्धिकरण के बाद लगभग शाम 7 बजे के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। फिर नियमित पूजा-पाठ और आरती शुरू होगी, और श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।

इन प्रमुख मंदिरों के कपाट ग्रहण के कारण बंद रहेंगे

माता वैष्णो देवी मंदिर

राम मंदिर

काशी विश्वनाथ मंदिर

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर

इसके अलावा दिल्ली और अन्य शहरों के कई प्रसिद्ध मंदिर भी सूतक काल और ग्रहण के दौरान बंद रहेंगे।

PunjabKesari

ये भी पढ़ें:  चंद्र ग्रहण 2026: सूतक काल में ग्रहण के दौरान क्या बच्चे, बुजुर्ग और रोगी खाना खा सकते हैं

किन मंदिरों में ग्रहण के दौरान भी दर्शन होते हैं?

कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जहां ग्रहण और सूतक काल में भी कपाट बंद नहीं किए जाते। वहां भक्त दर्शन कर सकते हैं। जैसे:

कालकाजी मंदिर

महाकालेश्वर मंदिर

कल्पेश्वर मंदिर

विष्णुपद मंदिर

लक्ष्मीनाथ मंदिर

श्रीनाथजी मंदिर

PunjabKesari

श्री कृष्ण मंदिर

आज 3 मार्च 2026 को लग रहे चंद्र ग्रहण के कारण देश के कई प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह से ही बंद कर दिए गए हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण प्रक्रिया पूरी की जाएगी और शाम 7 बजे के बाद मंदिरों में दर्शन और आरती फिर से शुरू हो जाएगी।
 

 

Related News