नारी डेस्क: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस साल का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में लगने जा रहा है। कहा जा रहा है कि लगभग 37 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब सूर्य ग्रहण शनि की राशि कुंभ में लगेगा। यह खगोलीय घटना कई राशियों के लिए बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। सूर्य आत्मविश्वास, पद और प्रतिष्ठा का कारक है, जबकि शनि कर्म, न्याय और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में जब सूर्य ग्रहण शनि की राशि में लगे, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के करियर, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर गहरा पड़ सकता है।

सूर्य ग्रहण का समय
2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी मंगलवार को लगेगा। यह एक वलयाकार (Ring of Fire) सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार, ग्रहण दोपहर 3:26 बजे शुरू होकर शाम 7:57 बजे समाप्त होगा। यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के दक्षिणी हिस्सों में दिखेगा और यह भारत में दिखाई नहीं देगा।यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा.इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
इन राशियों पर रहेगा खास प्रभाव
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 37 साल बाद कुंभ राशि में फिर से ऐसा सूर्यग्रहण लग रहा है जब ग्रहण के दौरान सूर्य के साथ राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी मौजूद रहेंगे। 7 मार्च 1989 में जब सूर्यग्रहण लगा था, उस समय भी ग्रहों की ऐसी ही स्थिति थी। यह ग्रहण कुंभ राशि में लग रहा है, इसलिए इसका असर सबसे ज्यादा इस पर पड़ेगा। इन राशि वालों का करियर में उतार-चढ़ाव संभव है, मानसिक तनाव बढ़ सकता है। बड़े फैसले सोच-समझकर लें।

भावनात्मक उतार-चढ़ाव के लिए रहें तैयार
सिंह राशि के लिए यह समय रिश्तों में परीक्षा का हो सकता है। वृश्चिक राशि वालों के पारिवारिक मामलों में तनाव हो सकता है। संपत्ति या घर से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है। भावनात्मक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें। वृषभ राशि वालों के लिए नौकरी और व्यवसाय में बदलाव के संकेत हैं। मेहनत का फल देर से मिलेगा, ऐसे में धैर्य रखें, समय आपके पक्ष में आएगा।
इन राशियों को मिल सकता है लाभ
मिथुन और तुला राशि वालों के रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं, नई योजनाएं सफल हो सकती हैं , आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। ग्रहण बदलाव का संकेत है, डर का नहीं। समझदारी और संयम से हर परिस्थिति को संभाला जा सकता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह ग्रहण कई राशियों के जीवन में नया मोड़ ला सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, इसलिए व्यक्तिगत सलाह के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर होता है।
ग्रहण के दौरान क्या करें?
-ग्रहण काल में पूजा-पाठ और मंत्र जाप करें
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें
- कोई बड़ा निवेश या निर्णय टाल दें
-जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है