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चंद्र ग्रहण 2026: सूतक काल में ग्रहण के दौरान क्या बच्चे, बुजुर्ग और रोगी खाना खा सकते हैं

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 26 Feb, 2026 12:23 PM
चंद्र ग्रहण 2026: सूतक काल में ग्रहण के दौरान क्या बच्चे, बुजुर्ग और रोगी खाना खा सकते हैं

नारी डेस्क: सूर्य और चंद्र ग्रहण हर साल होने वाली खगोलीय घटनाएँ हैं, जिन्हें भारत में ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं से जोड़ा जाता है। ग्रहण के दौरान अनेक नियम और परंपराएं अपनाई जाती हैं, जिन्हें “सूतक काल” कहा जाता है। इस साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर यानी 3 मार्च 2026, मंगलवार को होगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक भी यहां मान्य रहेगा। लोगों के मन में अक्सर यह सवाल होता है  सूतक काल में बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग क्या खा सकते हैं या नहीं? 

सूतक काल क्या होता है?

सूतक काल उस समय को कहते हैं जो किसी ग्रहण से पहले शुरू होता है और इसे धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दौरान पृथ्वी का वातावरण दूषित हो जाता है। सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण से 12 घंटे पहले से शुरू होता है। चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले से शुरू होता है। सूतक काल में कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है, जैसे भोजन, घर के काम-काज और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में सावधानी।

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बच्चों, बुजुर्ग और रोगियों के लिए नियम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सामान्य तौर पर सूतक काल में भोजन करना वर्जित होता है। लेकिन बच्चों, बुजुर्ग और रोगियों के लिए छूट दी गई है। इनके लिए सूतक का समय सिर्फ एक प्रहर यानी लगभग 3 घंटे ही मान्य रहता है। इसका मतलब है कि उन्हें पूरे 12 या 9 घंटे का सूतक नहीं मानना पड़ेगा। रोगी, बच्चे और बुजुर्ग सिर्फ ग्रहण शुरू होने से अंत तक ही सूतक के नियम का पालन करें। इस नियम का उद्देश्य विशेष रूप से उनकी सेहत और जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखना है।

3 मार्च 2026 का सूतक और ग्रहण का समय

चंद्र ग्रहण का समय: दोपहर 03:23 से शाम 06:47 तक सूतक काल: सुबह 09:06 से शाम 06:47 तक (कुल 9 घंटे 41 मिनट) बच्चे, बुजुर्ग और रोगियों के लिए सूतक: दोपहर 02:56 से 06:46 तक इस हिसाब से ग्रहण का सूतक सभी के लिए अलग-अलग समय पर लागू होगा। सूतक काल के दौरान कुछ नियमों का पालन करना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन बच्चों, बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए नियमों में छूट है, ताकि उनकी सेहत और भोजन पर असर न पड़े।

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ध्यान दें: इस जानकारी का स्रोत धर्मग्रंथ, ज्योतिषियों और विद्वानों से लिया गया है। इसे केवल सूचना के उद्देश्य से पढ़ें और अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखें।
  

  

 

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