
नारी डेस्क: आजकल बच्चों की प्लेट में चिप्स, पैकेट वाले स्नैक्स, बिस्कुट, केक, कोल्ड ड्रिंक और जंक फूड आम हो गए हैं। लेकिन बाल हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार बचपन में ज्यादा नमक (सोडियम) और चीनी का सेवन भविष्य में दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा सकता है। अगर अभी से बच्चों की डाइट पर ध्यान दिया जाए, तो भविष्य में उन्हें हार्ट डिजीज, हाई बीपी और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। स्वस्थ आदतें बचपन से शुरू होंगी, तभी दिल भी जिंदगी भर स्वस्थ रहेगा।

ज्यादा नमक से बढ़ता है ब्लड प्रेशर
नमक में मौजूद सोडियम शरीर में पानी रोककर रखता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है। अगर बचपन में ही ब्लड प्रेशर बढ़ने लगे, तो यह आदत बड़े होने तक बनी रह सकती है।
ज्यादा चीनी से मोटापा और डायबिटीज
मीठे पेय, चॉकलेट, केक और प्रोसेस्ड फूड में छुपी चीनी वजन तेजी से बढ़ाती है, पेट के आसपास चर्बी जमा करती है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाती है, टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ाती है। मोटापा और डायबिटीज दोनों ही भविष्य में दिल की बीमारी के बड़े कारण हैं।

चौंकाने वाली बात
विशेषज्ञों के अनुसार कई बच्चे रोजाना जरूरत से दोगुना नमक और चीनी ले रहे हैं और यह सब बिना महसूस किए, सिर्फ पैकेज्ड फूड और मीठे ड्रिंक्स के जरिए। ऐसे में बच्चे को घर का ताजा और संतुलित खाना खिलाएं। मीठे पेय की जगह पानी या नारियल पानी दें। बच्चों को फल और सलाद की आदत डालें। लेबल पढ़कर कम सोडियम और कम शुगर वाले विकल्प चुनें। याद रखें दिल की बीमारी अचानक नहीं होती, उसकी शुरुआत बचपन की थाली से होती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
-कम उम्र में वजन बढ़ना
-बार-बार थकान
-सांस फूलना
-बच्चों में हाई बीपी की रिपोर्ट
हालांकि बच्चों में हार्ट अटैक दुर्लभ है, लेकिन जोखिम की नींव बचपन में ही रखी जाती है।