नारी डेस्क: अगर आपकी आंखें अक्सर सूजी हुई (Puffy Eyes) रहती हैं, पलकें फूली हुई दिखती हैं या आंखों में लालिमा बनी रहती है, तो इसे सिर्फ थकान या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज न करें। आंखों के डॉक्टर (Eye Surgeon) के अनुसार, ये लक्षण थायरॉइड की गड़बड़ी का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय पर पहचान और इलाज से आंखों को होने वाले गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।

आंखों से कैसे पता चलता है थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड ग्लैंड जब ज्यादा या कम हार्मोन बनाने लगती है, तो इसका असर सीधे आंखों पर पड़ता है। खासकर Graves’ Disease (हाइपरथायरॉइडिज़्म) में आंखों से जुड़े लक्षण सबसे पहले दिख सकते हैं।
थायरॉइड से जुड़ी आंखों की शुरुआती चेतावनियां
पफी आईज़ (आंखों के नीचे सूजन): सुबह उठते ही आंखों के नीचे सूजन, दिनभर भारीपन महसूस होना, नमक कम करने के बाद भी सूजन बनी रहना। यह आंखों के आसपास टिश्यू में सूजन के कारण होता है।
पलकों का सूजना (Swollen Eyelids): ऊपरी या निचली पलक मोटी लगना, आंखें पूरी तरह न खुल पाना मेकअप लगाते समय भारीपन महसूस होना भी चेतावनी का संकेत है।
आंखों में लालिमा और जलन: बिना किसी इंफेक्शन के आंखें लाल रहना, जलन, चुभन या सूखापन। अगर आंखों में बार-बार पानी आता है तो इसे हल्के में ना लें।
आंखों का उभर आना (Bulging Eyes): आंखें बाहर की ओर निकली हुई लगना, पलकों का पूरी तरह बंद न हो पाना देखने में बदलाव
यह थायरॉइड आई डिज़ीज़ (TED) का गंभीर संकेत हो सकता है।

थायरॉइड की समस्या में आंखें के प्रभावित होने का कारण
थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन, आंखों के आसपास की मांसपेशियों और फैट में सूजन इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी के कारण आंखें प्रभावित होती हैं। अगर आंखों के साथअचानक वजन घटना या बढ़ना, दिल की धड़कन तेज होना, बहुत ज्यादा थकान, बाल झड़ना, गर्मी या ठंड ज्यादा लगती है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इसके लिए TSH, T3, T4 टेस्ट करवाना जरूरी है।
इलाज और देखभाल
- थायरॉइड को कंट्रोल में रखना सबसे जरूरी
- आंखों के लिए लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें
-नमक कम खाएं
धूम्रपान से दूरी बनाएं
-एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और आई स्पेशलिस्ट दोनों से सलाह