नारी डेस्क: आजकल कई लोगों को 40 की उम्र पार करते ही घुटनों में दर्द, अकड़न और सूजन की समस्या होने लगती है। पहले यह समस्या ज्यादा उम्र में दिखाई देती थी, लेकिन अब गलत लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठकर काम करना, वजन बढ़ना और शरीर में पोषण की कमी के कारण कम उम्र में भी जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है और चलने-फिरने में भी परेशानी होने लगती है।
क्यों शुरू होता है घुटनों में दर्द
डॉक्टरों के अनुसार 40 की उम्र के बाद शरीर की हड्डियां और जोड़ों की मजबूती धीरे-धीरे कम होने लगती है। शरीर में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी होने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति का वजन ज्यादा है या वह दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करता है तो घुटनों पर दबाव बढ़ जाता है। यही कारण है कि धीरे-धीरे दर्द और सूजन की समस्या शुरू हो जाती है।

रोजाना हल्की एक्सरसाइज करना जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि अगर आप रोजाना हल्की एक्सरसाइज करते हैं तो घुटनों के दर्द में काफी राहत मिल सकती है। सुबह या शाम कम से कम 20 से 30 मिनट तक टहलना, हल्का स्ट्रेचिंग करना या योग करना जोड़ों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे घुटनों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और जोड़ों में जकड़न कम होती है। नियमित व्यायाम करने से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे सूजन कम होने में मदद मिलती है।
शरीर का वजन कंट्रोल में रखें
घुटनों के दर्द का एक बड़ा कारण बढ़ता हुआ वजन भी होता है। जब शरीर का वजन ज्यादा होता है तो घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि संतुलित डाइट लें और वजन को नियंत्रित रखें। अगर वजन थोड़ा भी कम हो जाता है तो घुटनों पर पड़ने वाला दबाव काफी कम हो जाता है और दर्द में राहत मिल सकती है।
सही खान-पान का रखें ध्यान
घुटनों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है। अपने आहार में कैल्शियम और विटामिन-डी से भरपूर चीजें शामिल करें। दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, बादाम और तिल जैसी चीजें हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। इसके अलावा धूप में कुछ समय बैठना भी शरीर को विटामिन-डी देने का अच्छा तरीका है।
लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से बचें
आजकल ज्यादातर लोग ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। इससे घुटनों और पैरों में जकड़न बढ़ सकती है। इसलिए कोशिश करें कि हर 30-40 मिनट में थोड़ी देर के लिए खड़े हों और हल्का चलें। इससे जोड़ों में लचीलापन बना रहता है और दर्द होने की संभावना कम हो जाती है।

जरूरत पड़े तो डॉक्टर से जरूर लें सलाह
अगर घुटनों का दर्द लंबे समय तक बना रहता है या सूजन ज्यादा बढ़ जाती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। सही समय पर इलाज और सही जीवनशैली अपनाने से घुटनों के दर्द और जोड़ों की सूजन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। कुल मिलाकर, 40 की उम्र के बाद घुटनों की सेहत का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।