नारी डेस्क: होली का पर्व आने वाला है और उससे पहले आठ दिनों का समय जिसे होलाष्टक कहते हैं, शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता। इस साल 2026 में होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी, मंगलवार से हो रही है। ये समय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहों के उग्र स्वभाव के कारण अशुभ होता है, इसलिए इस दौरान शादी, नए काम या कोई मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
Holashtak 2026 कब से कब तक रहेगा?
होलाष्टक हर साल फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होता है।
शुरुआत: 24 फरवरी 2026, मंगलवार, सुबह 07:03 बजे
समाप्ति: 3 मार्च 2026, मंगलवार (होली के दिन)
इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य या मांगलिक कार्य करने से बचें। Holashtak खत्म होने के बाद ही नए कार्य शुरू करना शुभ माना जाता है।

Holashtak में वर्जित कार्य
शादी और सगाई: होलाष्टक के दौरान शादी या सगाई करना वर्जित है। नए रिश्ते देखना या विवाह संबंधी किसी निर्णय में शामिल होना इस समय शुभ नहीं माना जाता।
नामकरण और मुंडन: बच्चों का नामकरण या मुंडन संस्कार होलाष्टक में करना वर्जित होता है। यह शुभ कार्य इस समय करना अशुभ माना जाता है।
नई संपत्ति और वाहन खरीदना: होलाष्टक के दौरान कोई नई संपत्ति, घर, फ्लैट या वाहन खरीदने से बचें। किसी भी प्रकार की नई वस्तु की खरीदारी इस समय अशुभ मानी जाती है।
गृह प्रवेश और निर्माण कार्य: नए घर या ऑफिस का निर्माण शुरू करना, भूमि पूजन या गृह प्रवेश करना इस समय उचित नहीं है। होलाष्टक में ऐसे कार्य करने से घर या कार्यस्थल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
नए काम की शुरुआत: व्यवसाय, नौकरी या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत होलाष्टक में न करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय शुरू किए गए काम में बाधा आती है और सफलता की संभावना कम होती है।

Holashtak का महत्व
होलाष्टक के दौरान ग्रहों की स्थिति और ब्रह्मांडीय प्रभावों के कारण नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसलिए यह समय धार्मिक, मांगलिक और नए कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। इस दौरान शांत रहकर पुराने काम निपटाएं, ध्यान, पूजा और छोटे घर के कार्य करें। Holashtak समाप्त होने के बाद ही बड़े और नए कार्य की योजना बनाएं।