नारी डेस्क : गुर्दे में पथरी (Kidney Stone) की समस्या को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। समय रहते इलाज न होने पर यह तेज दर्द, गंभीर यूरिन इंफेक्शन और यहां तक कि किडनी डैमेज का कारण भी बन सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटी पथरी कुछ हेल्दी आदतों और मेडिकल गाइडेंस के साथ सर्जरी के बिना भी निकल सकती है। यूरोलॉजिस्ट के पास आने वाले अधिकतर मरीजों का पहला सवाल यही होता ह। क्या मेरी पथरी ऑपरेशन के बिना खुद निकल जाएगी? इसका जवाब पूरी तरह हां या ना में नहीं दिया जा सकता, क्योंकि इसमें पथरी का साइज, उसकी लोकेशन और मरीज की किडनी की स्थिति अहम भूमिका निभाती है।
कितनी बड़ी पथरी खुद निकल सकती है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक 4 mm या उससे छोटी पथरी
लगभग 31 दिनों में अपने-आप निकल सकती है।
4 mm से 6 mm की पथरी
करीब 60% मामलों में 45 दिनों के भीतर निकलने की संभावना रहती है।
6 mm से बड़ी पथरी
अक्सर डॉक्टरी इलाज या सर्जरी की जरूरत पड़ती है।
यह जानकारी Urology Associates of Central Missouri के आंकड़ों पर आधारित है।

पथरी की लोकेशन क्यों है अहम?
अगर पथरी यूरेटर के निचले हिस्से (ब्लैडर के पास) मौजूद है, तो उसके खुद निकलने की संभावना 79% तक होती है।
वहीं, अगर पथरी यूरेटर के ऊपरी हिस्से में है, तो यह संभावना घटकर 48% रह जाती है।
बता दें कि यूरेटर शरीर की वे नलियां होती हैं, जो किडनी से ब्लैडर तक पेशाब पहुंचाती हैं।
सर्जरी के बिना पथरी निकालने के उपाय
एक्सपर्ट्स के अनुसार, पथरी निकालने के साथ-साथ दोबारा पथरी बनने से रोकना भी जरूरी है।
खूब फ्लूइड लें
दिन में करीब 3 लीटर पानी पिएं।
सादा, रूम टेंप्रेचर पानी सबसे बेहतर माना जाता है।
चाय-कॉफी सीमित मात्रा में ली जा सकती है।

नींबू का ताजा रस
पानी में नींबू मिलाकर पीने से साइट्रेट मिलता है।
यह कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन के बनने और बढ़ने को रोकने में मदद कर सकता है।
हेल्दी जूस
नींबू + तुलसी + डेंडेलियन रूट से बना जूस
यूरिक एसिड कंट्रोल करने और किडनी में कैल्शियम जमाव कम करने में सहायक।
इन फूड्स को कम करें
पालक, चुकंदर, आलू, कुछ नट्स (इनमें ऑक्सालेट ज्यादा होता है)
ज्यादा मात्रा में एनिमल प्रोटीन
नमक और फिजी ड्रिंक्स से दूरी
ज्यादा सोडियम पथरी को बढ़ा सकता है।
कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा से बचना जरूरी है।

बड़ी पथरी में डॉक्टर क्या करते हैं?
अगर पथरी 6 mm से बड़ी हो, तेज दर्द, बुखार या यूरिन इंफेक्शन की शिकायत हो, तो डॉक्टर ये विकल्प अपनाते हैं।
दवाएं (Alpha-blockers, Pain relief)
Shock Wave Lithotripsy (SWL)
यूरेटेरोस्कोपी (Ureteroscopy)
परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (Percutaneous Nephrolithotomy (PCNL)
इलाज का तरीका पथरी की जगह और गंभीरता को देखकर तय किया जाता है।
हर किडनी स्टोन में सर्जरी जरूरी हो ऐसा नहीं है। छोटी पथरी सही डाइट, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की निगरानी में खुद निकल सकती है। लेकिन अगर तेज दर्द, बुखार या इंफेक्शन के लक्षण दिखें, तो देरी न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।