नारी डेस्क: प्रेगनेंसी के बाद कई महिलाओं को अचानक बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। यह केवल सुंदरता का मुद्दा नहीं है, बल्कि शरीर में हो रहे बदलावों का संकेत भी हो सकता है। डिलीवरी के कुछ महीनों बाद बाल तेजी से गिरने लगते हैं, जिससे महिलाओं में चिंता बढ़ जाती है। पहले इसे सामान्य माना जाता था, लेकिन आजकल यह समस्या बहुत महिलाओं में देखने को मिल रही है। लगातार बाल झड़ने से बाल पतले हो जाते हैं और उनकी घनता (density) भी कम हो जाती है।
हॉर्मोनल बदलाव
प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत सारे हॉर्मोन बदलते हैं। उदाहरण के लिए, प्रेगनेंसी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नामक हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इन हॉर्मोन के बढ़ने से बाल लंबे समय तक बढ़ने की अवस्था में बने रहते हैं। लेकिन डिलीवरी के बाद जब हॉर्मोन धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौटते हैं, तो शरीर के बहुत सारे बाल एक साथ झड़ने लगते हैं। यही वजह है कि कई महिलाएं डिलीवरी के कुछ महीनों बाद अचानक बाल झड़ने लगते हैं।

पोषण की कमी
डिलीवरी के बाद शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। इस समय महिलाएं कई बार संतुलित आहार नहीं ले पातीं, जिससे आयरन, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाती है। आयरन की कमी से बाल कमजोर और पतले हो सकते हैं। प्रोटीन की कमी से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और बाल आसानी से टूटने लगते हैं। इसलिए प्रसव के बाद सही और पोषणयुक्त आहार लेना बहुत जरूरी है।
नींद की कमी और थकान
नवजात बच्चे की देखभाल के कारण माताओं को पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती। बार-बार रात में बच्चे को जगाना और दिनभर की थकान बालों की सेहत पर असर डालती है। शरीर की ऊर्जा बालों के विकास और मजबूती के लिए जरूरी होती है। जब शरीर थका हुआ और नींद पूरी न हो, तो बाल झड़ने लगते हैं और उनकी वृद्धि धीमी हो जाती है।
तनाव और शरीर की रिकवरी
डिलीवरी के बाद शरीर धीरे-धीरे अपनी सामान्य स्थिति में लौटता है। यह एक संवेदनशील समय होता है और इस दौरान शरीर की रिकवरी प्रक्रिया चलती रहती है। मानसिक तनाव, चिंता या अत्यधिक दबाव बालों के झड़ने की समस्या को बढ़ा सकते हैं। तनाव के कारण शरीर में कुछ हॉर्मोन का स्तर असंतुलित हो जाता है, जिससे बाल कमजोर और पतले हो जाते हैं।
बदलती लाइफस्टाइल और बाहरी कारण
आजकल महिलाओं की लाइफस्टाइल बहुत व्यस्त है। जल्दी काम पर लौटने का दबाव, असंतुलित आहार, प्रदूषण और केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है। सभी कारण मिलकर बालों के झड़ने की समस्या को और बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि प्रेगनेंसी के बाद बाल झड़ने की समस्या पहले से ज्यादा आम हो गई है।

बचाव और उपाय
संतुलित और पोषणयुक्त आहार: प्रोटीन, आयरन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर भोजन लें। दाल, हरी सब्ज़ियां, अंडा, दूध, दही और फल आदि बालों को मजबूती देने में मदद करते हैं।
पर्याप्त नींद और तनाव कम करना: जितना हो सके पर्याप्त नींद लें और तनाव से दूर रहें। योग और हल्की एक्सरसाइज भी मदद कर सकती हैं।
सुरक्षित और हल्के हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल: बालों को केमिकल्स से बचाने के लिए हल्के और सुरक्षित शैम्पू या कंडीशनर का इस्तेमाल करें।
तेल से मालिश: सप्ताह में 2-3 बार हल्की तेल की मालिश करें। यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है और खून का संचार बढ़ाता है।
विशेषज्ञ से सलाह- अगर बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं या बालों की घनता बहुत कम हो गई है, तो त्वचा विशेषज्ञ या डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।