नारी डेस्क: हर माता-पिता अपने बच्चे को आराम देने के लिए वह हर उपाय करता है, जो उसे सुरक्षित लगता है। सर्दी-जुकाम में नाक पर विक्स लगाना भी ऐसा ही एक आम घरेलू नुस्खा है, जिसे पीढ़ियों से “बेहद सेफ” माना जाता रहा है। लेकिन चेन्नई से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इस धारणा को तोड़कर रख दिया है। महज 8 महीने के एक मासूम बच्चे की जान तब चली गई, जब उसकी नाक पर विक्स लगाया गया। एक पल की अनजाने में की गई गलती ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। यह घटना हर माता-पिता के लिए कड़ी चेतावनी है कि जो चीज़ बड़ों के लिए सामान्य और सुरक्षित लगती है, वही छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। यह लेख किसी को डराने के लिए नहीं, बल्कि आपके बच्चे की सुरक्षा के लिए है। आगे हम बताएंगे कि विक्स और ऐसे घरेलू उपाय शिशुओं के लिए क्यों खतरनाक हैं, किन चीज़ों से बचना चाहिए और बच्चों के लिए क्या वास्तव में सुरक्षित है।
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का साफ कहना है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों पर Vicks या ऐसे बाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
छोटे बच्चों के लिए Vicks क्यों खतरनाक है?
कपूर (Camphor) होता है ज़हरीला
Vicks में मौजूद कपूर शिशुओं के लिए बेहद खतरनाक होता है। बच्चों का शरीर इतना विकसित नहीं होता कि वह कपूर जैसे केमिकल को सह सके। इससे दिमाग और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं और कई मामलों में जान का खतरा भी बन जाता है।
मेंथॉल और यूकेलिप्टस बढ़ाते हैं बलगम
आम धारणा है कि Vicks लगाने से नाक खुल जाती है, लेकिन शिशुओं में इसका उल्टा असर होता है। Menthol और Eucalyptus नाक के अंदर बलगम को और बढ़ा देते हैं, जिससे बच्चे को सांस लेने में और ज्यादा परेशानी होती है।
नाक और सांस की नली और ज्यादा ब्लॉक हो सकती है
शिशुओं की सांस की नली बहुत छोटी और नाज़ुक होती है। Vicks लगाने से अंदर सूजन आ सकती है, जिससे नाक और ज्यादा बंद हो जाती है और बच्चा ठीक से सांस नहीं ले पाता।
सांस धीमी पड़ सकती है या रुक भी सकती है
कुछ मामलों में इन केमिकल्स के कारण बच्चे की सांस की रफ्तार कम हो सकती है, और गंभीर स्थिति में सांस रुकने तक का खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे बेहद खतरनाक मानते हैं।
सिर्फ Vicks ही नहीं, ये चीज़ें भी शिशुओं के लिए खतरनाक हैं
अक्सर घरों में इस्तेमाल होने वाली कई चीज़ें भी 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जोखिम भरी होती हैं
टाइगर बाम (Tiger Balm)
अमृतांजन (Amrutanjan)
कपूर जलाना या कर्पूर का धुआं
यूकेलिप्टस ऑयल
मेंथॉल युक्त तेल
ये सभी चीज़ें बच्चे की सांस की नली और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
बच्चों के लिए क्या है सुरक्षित विकल्प?
अगर शिशु को सर्दी या नाक बंद होने की परेशानी है, तो डॉक्टरों द्वारा बताए गए ये उपाय सुरक्षित माने जाते हैं
सलाइन नोज ड्रॉप्स: नमक के पानी की बूंदें नाक में डालने से बलगम पतला होता है और नाक साफ होने में मदद मिलती है।
जेंटल नोजल सक्शन: डॉक्टर द्वारा सुझाया गया हल्का नोज सक्शन नाक को सुरक्षित तरीके से साफ करता है।
कूल-मिस्ट ह्यूमिडिफायर: कमरे में नमी बनाए रखने से बच्चे को सांस लेने में राहत मिलती है और सूखी हवा से बचाव होता है।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं
अगर बच्चे में नीचे दिए गए कोई भी लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें
बहुत तेज या मुश्किल से सांस लेना
होंठ या चेहरा नीला पड़ना
दूध या खाना ठीक से न पीना
बहुत ज्यादा सुस्ती या बेहोशी जैसी स्थिति
ये सभी मेडिकल इमरजेंसी के संकेत हो सकते हैं।

डॉक्टरों की अपील
पेडियाट्रिक विशेषज्ञों का कहना है कि शिशुओं पर घरेलू नुस्खों का प्रयोग बेहद खतरनाक हो सकता है। जो चीज़ें बड़ों के लिए आम हैं, वही बच्चों के लिए जानलेवा बन सकती हैं। माता-पिता और देखभाल करने वालों से अपील है कि किसी भी दवा या घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।