नारी डेस्क : वैदिक ज्योतिष में विवाह मुहूर्त का विशेष महत्व माना गया है। सही तिथि, नक्षत्र और शुभ समय में किया गया विवाह दांपत्य जीवन को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करता है। मार्च 2026 में शादी करने वाले लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस महीने केवल 8 ही शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं, क्योंकि 15 मार्च 2026 से खरमास शुरू हो जाएगा। इसके बाद सभी प्रकार के शुभ मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। ऐसे में अगर आप मार्च में शादी की योजना बना रहे हैं, तो यहां दी गई पूरी सूची को ध्यान से नोट कर लें।
मार्च 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त
तिथि दिन शुभ मुहूर्त तिथि
02 मार्च 2026 सोमवार दोपहर 01:46 – शाम 05:53 चतुर्दशी
03 मार्च 2026 मंगलवार सुबह 07:00 – सुबह 07:30 पूर्णिमा
04 मार्च 2026 बुधवार सुबह 07:39 – सुबह 08:50 प्रतिपदा
07 मार्च 2026 शनिवार सुबह 11:16 – सुबह 06:53 (08 मार्च) चतुर्थी, पंचमी
08 मार्च 2026 रविवार सुबह 06:55 – सुबह 07:04 पंचमी
09 मार्च 2026 सोमवार शाम 04:14 – रात 11:27 षष्ठी
11 मार्च 2026 बुधवार सुबह 04:41 – सुबह 06:51 (12 मार्च) नवमी
12 मार्च 2026 गुरुवार सुबह 06:54 – सुबह 09:59 नवमी

15 मार्च के बाद क्यों नहीं होंगे शुभ कार्य?
15 मार्च 2026 को सूर्य देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही मीन खरमास की शुरुआत हो जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय सूर्य देव, देवगुरु बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे सूर्य और गुरु दोनों कमजोर माने जाते हैं। यह अवधि देवताओं के विश्राम काल के रूप में देखी जाती है, इसलिए इस दौरान किए गए शुभ कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता। मीन खरमास का समापन 14 अप्रैल 2026 को होगा।
विवाह मुहूर्त तय करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला विवाह के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
शुभ करण: किस्तुघ्न, बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज
शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी
शुभ वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार
शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को सबसे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर बताया गया है, इसी कारण प्राचीन काल में विवाह प्रायः प्रातःकाल या सूर्यास्त के समय किए जाते थे।

मार्च 2026 में शादी की योजना बना रहे लोगों के लिए समय सीमित है। 15 मार्च से पहले ही विवाह संपन्न करना शुभ रहेगा, क्योंकि इसके बाद खरमास लगने से शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। सही मुहूर्त का चयन कर आप अपने वैवाहिक जीवन की मजबूत और शुभ शुरुआत कर सकते हैं।