नारी डेस्क: उत्तराखंड सरकार ने साल 2026 की चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया है। यात्रा से पहले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इस बार यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री धाम से होगी और इसके बाद गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे।चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। वेबसाइट का लिंक है registrationandtouristcare.uk.gov.in और मोबाइल ऐप का नाम है Tourist Care उत्तराखंड। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 7 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है।
कौन रजिस्ट्रेशन कर सकता है?
भारतीय श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन आधार कार्ड के माध्यम से कर सकते हैं। वहीं विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ईमेल आईडी के जरिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन करना सभी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य है, ताकि यात्रा व्यवस्थित और सुरक्षित हो सके।
आधार कार्ड न होने पर क्या करें?
जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। ऑफलाइन पंजीकरण 17 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। पंजीकरण केंद्र निम्नलिखित स्थानों पर खोले जाएंगे: ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और विकास नगर देहरादून। श्रद्धालु यात्रा से दो दिन पहले इन काउंटरों पर पंजीकरण करवा सकते हैं।

चारधाम धामों के कपाट खुलने की तिथियां
उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यात्रा के प्रमुख धामों के कपाट इस प्रकार खुलेंगे
19 अप्रैल 2026: यमुनोत्री और गंगोत्री
22 अप्रैल 2026: केदारनाथ
23 अप्रैल 2026: बद्रीनाथ
श्रीहेमकुण्ड साहिब: आधिकारिक घोषणा बाद में
जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर
श्रद्धालु किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर 0135-1364 पर कॉल कर सकते हैं। उत्तराखंड सरकार ने सभी से अनुरोध किया है कि यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए यात्रा से पहले पंजीकरण अवश्य कराएं।

चारधाम यात्रा का महत्व
चारधाम यात्रा हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री धाम से होती है, जो यमुना नदी का उद्गम स्थल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमुनोत्री में स्नान करने से मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।
श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित करते हैं। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचेंगे।