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Nari

क्या Scrub से भी होता है कैंसर? इससे बर्तनों को धाेने से पहले अच्छे से पढ़ लें ये खबर

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 16 Apr, 2026 05:50 PM
क्या Scrub से भी होता है कैंसर? इससे बर्तनों को धाेने से पहले अच्छे से पढ़ लें ये खबर

नारी डेस्क: इन दिनों किचन स्पंज कैंसर के बारे में काफी कुछ सुनने काे मिल रह है।  यह बात तेजी से इसलिए फैल रही है क्योंकि यह हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी हुई है। हर किचन में एक स्पंज होता है, जो प्लेटों, काउंटरटॉप्स और कभी-कभी तो हाथों को भी छूता है, ऐसे में इसे लेकर चिंता ज्यादा बढ़ जाती है।  वैसे तो "किचन स्पंज कैंसर" नाम की कोई मेडिकल बीमारी नहीं होती। यह सिर्फ़ एक वायरल कहावत है, कोई वैज्ञानिक डायग्नोसिस नहीं।


स्पंज नहीं इन कारणों से होता है कैंसर

 NIH में पब्लिश एक स्टडी में पाया गया है कि स्पंज, खासकर जो गीले होते हैं, उनमें लाखों माइक्रोब्स हो सकते हैं। यह सुनने में डरावना लग सकता है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इससे कैंसर का खतरा है। गलतफ़हमी तब शुरू होती है जब लोग "बैक्टीरिया" को "बीमारी" से जोड़ते हैं, और फिर इस सोच को कैंसर तक खींच ले जाते हैं। लेकिन कैंसर सतहों पर पाए जाने वाले आम बैक्टीरिया की वजह से नहीं होता। यह जेनेटिक्स, कुछ खास केमिकल्स के लंबे समय तक संपर्क में रहने, कुछ खास वायरसों से होने वाले इन्फेक्शन और जीवनशैली की आदतों जैसे कई जटिल कारणों से होता है।


स्पंज को लेकर ना करें अनदेखी

डॉक्टर कहते हैं कि- "स्पंज अपनी नमी वाली और छिद्रपूर्ण बनावट के कारण बैक्टीरिया को पनाह देने के लिए जाने जाते हैं खासकर तब, जब उन्हें नियमित रूप से साफ़ या बदला न जाए। हालांकि ऐसा कोई सीधा वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो यह साबित करता हो कि किचन स्पंज कैंसर का कारण बनते हैं। असली चिंता तो उन हानिकारक कीटाणुओं से होने वाले संक्रमण का ख़तरा है, जो खाने और सतहों को दूषित कर सकते हैं।" उनकी यह व्याख्या लोगों का ध्यान डर से हटाकर तथ्यों की ओर ले जाती है। स्पंज उतना बुरा नहीं है जितना लोग उसे समझते हैं; लेकिन अगर उसकी अनदेखी की जाए, तो वह पूरी तरह से हानिरहित भी नहीं है।


इन बातों का रखें ख्याल

अच्छी खबर यह है कि स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों में से यह एक ऐसा जोखिम है जिसे नियंत्रित करना सबसे आसान है। इसके लिए न तो किसी महंगे उपकरण की ज़रूरत है और न ही किसी जटिल दिनचर्या की। कुछ छोटी-छोटी आदतें ही एक साफ फर्क ला सकती हैं जैसे- रसोई के स्पंज को हर 1-2 हफ़्ते में बदल दें। हर इस्तेमाल के बाद स्पंज और ब्रश को अच्छी तरह धोएं. गर्म पानी और साबुन से रोजाना साफ करें। इन्हें धूप में सुखाएं ताकि नमी खत्म हो जाए। हमेशा सूखी जगह पर रखें। स्पंज को एक मिनट के लिए माइक्रोवेव में रख सकते हैं या डिशवॉशर में साफ कर सकते हैं। बर्तनों और किचन प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग स्पंज रखें।

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