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पुरुष भी हैं खतरे में! ब्रेस्ट कैंसर के इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 15 Apr, 2026 03:37 PM
पुरुष भी हैं खतरे में! ब्रेस्ट कैंसर के इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी

नारी डेस्क: अक्सर लोगों को यह लगता हैं की ब्रेस्ट  कैंसर सिर्फ औरतों को ही होता हैं लेकिन ऐसा नहीं हैं ,जी हां मर्दों को भी ब्रैस्ट कैंसर होता हैं। अगर आपकी भी सोच ऐसी है तो तुरंत बदल ले।  ब्रैस्ट कैंसर की बीमारी सिर्फ महिलाओं में नहीं बल्कि मर्दों को भी हो सकती हैं। जिस प्रकार महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होता हैं ठीक उसी तरह मर्दों में भी ब्रैस्ट कैंसर हो सकता हैं। हां यह बात सच हैं की पुरषों को स्तन कैंसर कम होता हैं जब की महिलाएं इसकी जल्दी शिकार हो जाती है। चलिए इस आर्टिकल में इस बारे में डिटेल में जानते है। 

अगर शरीर में यह  लक्षण दिखें तो तुरंत सचेत हो जाएं

 बता दे कि जन्म के समय ही हर किसी के  ब्रेस्ट टिश्यू यानी स्तन के टिशू होते है। ब्रेस्ट टिश्यू में हजारों मिल्क डक्ट, निप्प और फैट होता हैं। इस ब्रेस्ट टिश्यू में ही दूध बनता ह।  जब प्यूबर्टी की शुरुआत होती है तो लड़कियों में इसका विकास हो जाता है जबकि लड़के का जब यौवन आरंभ होता है तो ब्रेस्ट टिश्यू डेवलप नहीं करता ।  लेकिन चूंकि जन्म के समय ब्रेस्ट टिश्यू महिला और पुरुष दोनों लिंग में होते हैं, इसलिए ब्रेस्ट कैंसर दोनों को हो सकता हैं।  इस बात में कोई  शक नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों में रेयर ही होता हैं।  अमेरिका जैसे देशों में हर साल करीब 2800 मामले ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आते हैं। चलिए ऐसे में पहले यह जानते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर होता क्यों  है। 

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ब्रेस्ट कैंसर होने के कारण

बता दे की अभी ब्रैस्ट कैंसर होने के कोई मूल रूप से इसका कारण नहीं पता चला क्या हैं। लेकिन जब कोशिकाओं की संरचना में डीएनए लेवल पर बदलाव होता है तो यही कोशिकाएं कैंसर कोशिका में बदल जाता है। बता दे की मर्दों में ब्रैस्ट कैंसर  तब शुरू होने लगता हैं जब ब्रेस्ट टिश्यू की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव आ जाते हैं।  कोशिका का डीएनए यह तय करता है कि उसे क्या करना  हैं। आम रूप से कोशिकाओं में डीएनए उन्हें एक निश्चित गति से बढ़ने और अलग होने के निर्देश देता है और एक फिक्स समय पर मरने के लिए भी कहता है।  इससे शरीर में असामान्य रूप से अधिक कोशिकाएं जमा हो जाती हैं। जब यह कोशिकाएं मिलकर जम जाती है तो एक गांठ यानी ट्यूमर बना सकती है।  

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

 ब्रैस्ट कैंसर होने पर एक लक्षण जो शरीर में नज़र आता हैं वो हैं निप्पल के पास दर्द-अगर निप्पल के पास दर्द हो और यह दर्द लगातार होने लगे,  उसके आसपास की त्वचा में खिंचाव जैसे महसूस हो तो इसे गंभीरता से लें।  खासकर अगर दवा से भी आराम न मिले तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना  चाहिए। 

गांठ होना: स्तन या बगल में नई, दर्द रहित और सख्त गांठ (सबसे सामान्य लक्षण)।

त्वचा में बदलाव: स्तन की त्वचा पर सिकुड़न, गड्ढे (dimpling), या संतरे के छिलके जैसी बनावट (peau d'orange) आना।

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निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना (Inversion), चपटा होना, या रंग में बदलाव आना।

स्तन में सूजन: पूरे स्तन या उसके किसी हिस्से में सूजन या मोटापन महसूस होना।

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निप्पल डिस्चार्ज: निप्पल से खून या असामान्य स्राव (स्तनपान के अलावा)।

दर्द: स्तन या निप्पल में लगातार दर्द जो मासिक धर्म के साथ नहीं बदलता।

त्वचा पर पपड़ी: निप्पल या त्वचा पर पपड़ी जमना, खुजली या लाली (Redness) होना। 

दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें निप्पल से डिस्चार्ज होना-अगर पुरुषों के निप्पल से डिस्चार्ज होने लगे या खून निकलने लगे, चिपचिपा पदार्थ निकलने लगे तो देर नहीं करना चाहिए. ये सारे संकेत ब्रेस्ट कैंसर के संकेत होते हैं।  ऐसे मामलों में डॉक्टरों से तुरंत दिखाएं। 


 

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