नारी डेस्क: होली का त्योहार मस्ती और रंगों से भरा होता है। इस दिन लोग खूब दौड़ते-भागते, कूदते-फांदते और एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। लेकिन कभी-कभी इसी उत्साह में हल्की चोट, खरोंच या त्वचा छिलने जैसी समस्या हो जाती है। ऐसे समय घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) करना जरूरी है ताकि इंफेक्शन न फैले और घाव जल्दी ठीक हो जाए।
सबसे पहले घाव को साफ करें
चोट लगने के तुरंत बाद घाव वाली जगह को सामान्य तापमान के साफ पानी से धो लें। इससे रंग, मिट्टी और गंदगी हट जाती है। ध्यान रखें कि घाव को साबुन या स्क्रब से रगड़ें नहीं, इससे त्वचा और छिल सकती है।

एंटीसेप्टिक जरूर लगाएं
घर में अगर डेटॉल या सैवलोन जैसा एंटीसेप्टिक लिक्विड हो तो उसे पानी में मिलाकर घाव साफ करें। इससे कीटाणु मरते हैं और इंफेक्शन होने का खतरा कम होता है।
अगर खून बह रहा हो तो क्या करें?
साफ कपड़ा या पट्टी लेकर घाव पर 5 से 10 मिनट तक हल्का दबाव बनाकर रखें। इससे खून बहना रुक जाता है। जब तक खून रुक न जाए, कपड़ा न हटाएं। अगर खून ज्यादा बह रहा हो या घाव गहरा हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
हल्की खरोंच पर घरेलू उपाय
अगर चोट मामूली है और सिर्फ हल्की खरोंच आई है, तो ये उपाय कर सकते हैं नारियल तेल और हल्दी मिलाकर हल्का सा लगा सकते हैं। हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। एलोवेरा जेल लगाने से जलन कम होती है और त्वचा को ठंडक मिलती है। शहद भी खरोंच पर लगाया जा सकता है, यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है।

इन बातों का खास ध्यान रखें
गंदे हाथों से घाव को बिल्कुल न छुएं। घाव पर दोबारा रंग न लगने दें। केमिकल वाले रंग या कोई भी तेज चीज घाव पर न लगाएं। बहुत ठंडे या बहुत गर्म पानी से घाव साफ न करें। घाव पर सीधे बर्फ न रखें, इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है।
कब डॉक्टर के पास जाएं?
अगर घाव गहरा हो।लगातार खून बह रहा हो। सूजन, मवाद या तेज दर्द हो। 1-2 दिन बाद भी घाव में सुधार न हो। होली का त्योहार खुशियों का है, लेकिन थोड़ी सावधानी बहुत जरूरी है। अगर चोट लग जाए तो तुरंत सही तरीके से सफाई और उपचार करें। सही समय पर फर्स्ट एड करने से इंफेक्शन का खतरा काफी कम हो जाता है और घाव जल्दी भरता है।