नारी डेस्क: क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग 60–70 साल की उम्र में भी इतने फुर्तीले और ऊर्जावान कैसे रहते हैं? वे न तो रोज जिम जाते हैं और न ही कठिन एक्सरसाइज करते हैं। फिर भी उनका शरीर सक्रिय और मन खुश रहता है। असल में उनका राज किसी खास डाइट या भारी-भरकम वर्कआउट में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में छिपा होता है। वे अपने दिन को इस तरह जीते हैं कि शरीर खुद-ब-खुद एक्टिव बना रहता है। आइए समझते हैं वे 5 बदलाव, जो बढ़ती उम्र में भी आपको फिट और एनर्जेटिक रख सकते हैं।
सीढ़ियों को बनाएं मौका, बोझ नहीं
जो लोग लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चुनते हैं, वे अनजाने में ही रोज अच्छा व्यायाम कर लेते हैं। सीढ़ियां चढ़ना दिल और पैरों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप हर दिन 2–3 बार सीढ़ियां चढ़ते-उतरते हैं, तो यह अपने आप में एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। जब हम इसे “वर्कआउट” नहीं बल्कि “रोजमर्रा का काम” समझते हैं तो इसे करने में आलस नहीं आता।

छोटे-छोटे काम खुद करें
आजकल ज्यादातर चीजें ऑनलाइन मंगाने की आदत हो गई है। लेकिन जो सीनियर लोग ज्यादा फिट रहते हैं, वे आज भी बाजार तक पैदल जाते हैं, सब्जी खुद चुनते हैं और हल्का सामान खुद उठाते हैं। पैदल चलना शरीर के लिए सबसे आसान और असरदार गतिविधि है। रोज 20–30 मिनट की वॉक दिल, हड्डियों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती है।
बागवानी या घर के काम को बनाएं एक्टिविटी
बागवानी करते समय झुकना, उठना, मिट्टी खोदना, गमले उठाना – ये सब मिलकर एक अच्छा फुल-बॉडी मूवमेंट बन जाता है। इसी तरह झाड़ू-पोंछा, कपड़े तह करना या रसोई में काम करना भी शरीर को सक्रिय रखता है। जब काम में आनंद आता है, तो शरीर को मेहनत का एहसास कम होता है और फायदा ज्यादा मिलता है।
जिम नहीं, शौक चुनें
फिट रहने वाले कई बुजुर्ग डांस क्लास, बैडमिंटन, टेबल टेनिस या वॉकिंग ग्रुप जैसे शौक अपनाते हैं। ये गतिविधियां मनोरंजन भी देती हैं और शरीर को भी चलायमान रखती हैं। जब एक्टिविटी मजेदार होती है, तो उसे लंबे समय तक जारी रखना आसान हो जाता है।

दिनभर की हल्की-फुल्की हरकतें भी जरूरी
वैज्ञानिक इसे NEAT (Non-Exercise Activity Thermogenesis) कहते हैं। यानी बिना औपचारिक व्यायाम के दिनभर की छोटी-छोटी गतिविधियां।
जैसे
फोन पर बात करते हुए टहलना
टीवी देखते समय बीच-बीच में खड़े हो जाना
हर घंटे 5 मिनट चलना
पानी खुद उठकर लेना
ये छोटी-छोटी हरकतें मिलकर शरीर की कैलोरी बर्न बढ़ाती हैं और एनर्जी लेवल बनाए रखती हैं।
असली फर्क सोच में है
जो लोग चलना-फिरना अपनी जिंदगी का सामान्य हिस्सा बना लेते हैं, उन्हें फिट रहने के लिए अलग से मेहनत नहीं करनी पड़ती। जब एक्टिव रहना आदत बन जाए, तो बुढ़ापा भी धीरे-धीरे असर करता है।
60 या 70 की उम्र में फिट रहने का राज जिम की भारी एक्सरसाइज नहीं, बल्कि रोजमर्रा की लगातार हलचल है। अगर आप भी सीढ़ियां चुनें, पैदल चलें, छोटे काम खुद करें और कोई एक्टिव शौक अपनाएं तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाएगी।