नारी डेस्क: आजकल कई लोग भूलने की समस्या, ध्यान न लगना या जल्दी थकान महसूस होने जैसी दिक्कतों से परेशान रहते हैं। ये संकेत हो सकते हैं कि आपका कॉग्निटिव फंक्शन कमजोर हो रहा है। कॉग्निटिव फंक्शन यानी दिमाग की वह क्षमता, जिससे हम सोचते हैं, समझते हैं, याद रखते हैं और फैसले लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी होने पर मानसिक क्षमता प्रभावित हो सकती है।
ओमेगा-3 क्यों है जरूरी?
ओमेगा-3 एक जरूरी पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड है, जो दिमाग और दिल दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के मुताबिक, ओमेगा-3 के तीन मुख्य प्रकार होते हैं

ALA (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) – यह मुख्य रूप से पौधों के तेल में पाया जाता है।
EPA (इकोसापेंटैनोइक एसिड) – यह समुद्री भोजन में मिलता है।
DHA (डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड) – यह भी अधिकतर मछली और सीफूड में पाया जाता है।
DHA और EPA दिमाग की सेहत से खास तौर पर जुड़े माने जाते हैं। ये याददाश्त, ध्यान और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
ओमेगा-3 से भरपूर 5 खाद्य पदार्थ
मछली
मछली ओमेगा-3 का सबसे अच्छा स्रोत मानी जाती है। खासकर सैल्मन, हेरिंग, मैकरेल (बांगड़ा), सार्डिन और एंकोवीज जैसी मछलियों में यह भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा ऑयस्टर जैसे सीफूड में भी ओमेगा-3 मौजूद होता है। नियमित रूप से मछली खाने से न सिर्फ दिमाग, बल्कि दिल की सेहत भी बेहतर रहती है।

खाने योग्य बीज (सीड्स)
अलसी (फ्लैक्स सीड्स) और चिया सीड्स ओमेगा-3 के अच्छे शाकाहारी स्रोत हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन भी पाए जाते हैं। इन्हें सलाद, स्मूदी या दही में मिलाकर खाया जा सकता है। ये बीज दिल और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद हैं।
अखरोट
अखरोट दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। शोध बताते हैं कि नियमित रूप से अखरोट खाने से याददाश्त और सोचने की क्षमता में सुधार हो सकता है। यह बढ़ती उम्र में दिमागी कमजोरी के खतरे को भी कम कर सकता है।
प्लांट बेस्ड ऑयल
कुछ वनस्पति तेल भी ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत हैं। जैसे अलसी का तेल, सोयाबीन ऑयल और कैनोला ऑयल। इन तेलों का संतुलित मात्रा में उपयोग करके शरीर में ओमेगा-3 का स्तर बनाए रखा जा सकता है।

फोर्टिफाइड फूड्स
आजकल बाजार में कई खाद्य पदार्थ ओमेगा-3 से फोर्टिफाइड (पोषक तत्व मिलाकर तैयार) किए जाते हैं। जैसे कुछ ब्रांड के अंडे, दूध, दही, जूस और सोया ड्रिंक्स। पैकेट पर दी गई जानकारी देखकर आप जान सकते हैं कि वह उत्पाद ओमेगा-3 से युक्त है या नहीं।
मेंटल हेल्थ में भी मददगार
कुछ रिसर्च के अनुसार, ओमेगा-3 की कमी को डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से जोड़ा गया है। खासकर EPA और DHA मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हालांकि, इस विषय पर अभी और गहन शोध की जरूरत है।
सप्लीमेंट कब लें?
अगर आप किसी कारणवश ओमेगा-3 से भरपूर भोजन नियमित रूप से नहीं खा पाते, तो डॉक्टर की सलाह से ओमेगा-3 सप्लीमेंट ले सकते हैं। बिना सलाह के कोई भी सप्लीमेंट शुरू करना सही नहीं है।
दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है। ओमेगा-3 से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपनी याददाश्त, ध्यान और सोचने की क्षमता को बेहतर बना सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली और सही पोषण से ही दिमाग लंबे समय तक मजबूत और सक्रिय रह सकता है।