
नारी डेस्क: 3 साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा ‘सोशलाइजेशन’ (बहुत लोगों से मिलना-जुलना) की जरूरत नहीं होती। उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत होती है सुरक्षित लगाव (Secure Attachment) की। इसका मतलब है कि छोटे बच्चों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है माता-पिता या देखभाल करने वाले का प्यार, साथ और भरोसा। यही उनके अच्छे भविष्य की मजबूत नींव बनाता है।

सुरक्षित लगाव क्यों जरूरी
जब बच्चा छोटा होता है, तो उसका दिमाग बहुत तेजी से विकसित होता है। इस समय मां-बाप की शांत आवाज़, प्यार भरा स्पर्श और मौजूदगी उसे सुरक्षित महसूस कराती है। इससे बच्चे के अंदर भरोसा, आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता विकसित होती है। माता-पिता के साथ बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है। उसका दिमाग और भावनाएं स्वस्थ तरीके से विकसित होती हैं।आगे चलकर बच्चा आत्मविश्वासी और सामाजिक बनता है। उसे तनाव और डर को संभालना सीखने में मदद मिलती है।

माता-पिता क्या करें
बच्चे के साथ समय बिताएं और उससे बात करें। जब बच्चा रोए तो धैर्य से उसे संभालें। प्यार, गले लगाना और मुस्कुराना बच्चे को भावनात्मक सुरक्षा देता है। छोटे बच्चों के लिए सबसे बड़ा “स्कूल” उनके मां-बाप का प्यार, आवाज़ और साथ होता है। यही चीज़ उनके दिमाग और भावनात्मक दुनिया को जीवनभर के लिए मजबूत बनाती है।