
नारी डेस्क: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खानपान और स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन अक्सर दांतों और मसूड़ों की सेहत (Oral Health) को नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, आधे से ज्यादा गर्भवती महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान डेंटिस्ट के पास नहीं जातीं। जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय दांतों और मसूड़ों की सही देखभाल मां के साथ-साथ बच्चे की सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है।
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मसूड़ों के संक्रमण से समय से पहले जन्म का खतरा
प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव के कारण मसूड़ों में सूजन और संक्रमण की समस्या बढ़ सकती है, जिसे जिंजिवाइटिस (Gum Disease) कहा जाता है। अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह संक्रमण गंभीर हो सकता है और कुछ मामलों में समय से पहले प्रसव (Preterm Birth या कम वजन वाले बच्चे के जन्म का खतरा बढ़ सकता है।
बैक्टीरिया मां से बच्चे तक पहुंच सकते हैं
अगर गर्भवती महिला के मुंह में बैक्टीरिया या दांतों की गंभीर समस्या है, तो यह बैक्टीरिया रक्त प्रवाह के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। इससे मां की सेहत पर असर पड़ने के साथ-साथ बच्चे के विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए मुंह की साफ-सफाई और नियमित जांच बहुत जरूरी है।
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मां की अच्छी सेहत से बच्चे का बेहतर विकास
जब गर्भवती महिला के दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं, तो वह बिना परेशानी के पोषक भोजन खा पाती है। संतुलित आहार से मां को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जो बच्चे के स्वस्थ विकास और बढ़त के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। गर्भावस्था के दौरान सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि दांतों और मसूड़ों की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। नियमित ब्रश करना, फ्लॉस का इस्तेमाल और समय-समय पर डेंटिस्ट से जांच करवाना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।