नारी डेस्क: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) यानी मूत्रमार्ग संक्रमण महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक आम समस्या है। यह इंफेक्शन बार-बार पेशाब आने, पेशाब में जलन, निचले पेट में दर्द और कभी-कभी बुखार जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा क्यों है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा है
महिलाओं का मूत्रमार्ग (urethra) पुरुषों की तुलना में छोटा होता है। इसका मतलब है कि बैक्टीरिया को मूत्राशय तक पहुंचने में कम समय लगता है। साथ ही महिलाओं में गुदा और मूत्रमार्ग का स्थान करीब होने के कारण बैक्टीरिया आसानी से मूत्रमार्ग में प्रवेश कर सकते हैं। यही कारण है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में जल्दी और बार-बार UTI का शिकार हो जाती हैं।

हार्मोनल बदलाव भी जोखिम बढ़ाते हैं
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव UTI का खतरा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गर्भावस्था, पीरियड्स और मेनोपॉज के दौरान हार्मोन स्तर में बदलाव होता है। इससे मूत्रमार्ग की सुरक्षा कमज़ोर हो जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। हार्मोनल बदलाव मूत्र मार्ग के आसपास की कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं, जिससे संक्रमण के लिए वातावरण अनुकूल हो जाता है।
जीवनशैली और गलत आदतें
UTI के खतरे को बढ़ाने में जीवनशैली और रोजमर्रा की आदतें भी बड़ी भूमिका निभाती हैं। कुछ आम कारण हैं
पर्याप्त पानी न पीना: पानी कम पीने से मूत्राशय साफ नहीं होता और बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं।
पेशाब को लंबे समय तक रोकना: लंबे समय तक पेशाब रोकने से बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा होता है।
गंदे टॉयलेट का इस्तेमाल: सार्वजनिक या साफ-सुथरे नहीं रहने वाले टॉयलेट बैक्टीरिया के संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
सिंथेटिक और टाइट कपड़े पहनना: इससे पेशाब के मार्ग और त्वचा में नमी रहती है, जो बैक्टीरिया के लिए अनुकूल होती है।
यौन संबंध के बाद सफाई का ध्यान न रखना: यौन संबंध के बाद मूत्रमार्ग में बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
इन आदतों के कारण महिलाओं में UTI बार-बार हो सकता है। इसके अलावा, जो महिलाएं पहले UTI का शिकार हो चुकी हैं, उनमें इसका दोबारा होना अधिक आम है।
उम्र, रोग और इम्यून सिस्टम भी भूमिका निभाते हैं
UTI बार-बार होने में इम्यून सिस्टम की कमजोरी, डायबिटीज, या कुछ गर्भनिरोधक तरीकों के इस्तेमाल का भी असर होता है। शरीर कमजोर होने पर बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और संक्रमण जल्दी फैलता है। इसलिए स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना UTI से बचाव में मदद करता है।

UTI से बचाव के आसान उपाय
महिलाएं कुछ आसान उपाय अपनाकर UTI से खुद को बचा सकती हैं
पर्याप्त पानी पिएं: रोजाना 8–10 गिलास पानी पीना मूत्राशय को साफ रखता है और बैक्टीरिया को बाहर निकालता है।
पेशाब को रोकें नहीं: पेशाब को लंबे समय तक रोकने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं।
टॉयलेट साफ रखें: सार्वजनिक टॉयलेट का इस्तेमाल कम करें और घर के टॉयलेट को हमेशा स्वच्छ रखें।
आरामदायक कपड़े पहनें: कॉटन के ढीले कपड़े पहनें, टाइट या सिंथेटिक कपड़े बैक्टीरिया के लिए अनुकूल होते हैं।
यौन संबंध के बाद सफाई और पेशाब: इससे मूत्रमार्ग साफ रहता है और संक्रमण का खतरा कम होता है।

समय पर इलाज: यदि UTI हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है और समय पर इलाज से समस्या जल्दी ठीक होती है।
महिलाओं में UTI एक आम लेकिन नजरअंदाज न करने वाली समस्या है। सही हाइजीन, पर्याप्त पानी, सावधानी और समय पर इलाज संक्रमण को रोकने में सबसे असरदार उपाय हैं। बार-बार होने वाले UTI को गंभीरता से लेना चाहिए और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।