नारी डेस्क : बॉलीवुड के दिग्गज लेखक-अभिनेता और सलमान खान के पिता Salim Khan की तबीयत बिगड़ने की खबर से उनके परिवार, करीबी और फैंस में चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे मुंबई के Lilavati Hospital की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जिसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत ICU में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ अपडेट के अनुसार, सलीम खान फिलहाल डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उन्हें ब्लड क्लॉट (Clot Buster) (रक्त का थक्का) हुआ है, जिस कारण उन्हें अभी अस्पताल में ही रखकर इलाज दिया जा रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि ब्लड क्लॉट क्या होता है, यह क्यों बनता है और इसके लक्षण क्या हैं, ताकि समय रहते सही कदम उठाए जा सकें।
ब्लड क्लॉट (Clot Buster) क्या है और क्यों होता है?
ब्लड क्लॉट या रक्त का थक्का खून की एक ऐसी गांठ होती है, जो तरल खून को जेल जैसी अवस्था में बदल देती है। चोट लगने पर यह जरूरी होता है, क्योंकि यह खून को बहने से रोकता है। लेकिन जब यही थक्का नसों के अंदर बिना जरूरत बनने लगे, तो यह खून के प्रवाह को रोक सकता है। इसे थ्रोम्बोसिस (Thrombosis) कहा जाता है। ऐसे थक्के हार्ट अटैक, स्ट्रोक या पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकते हैं।

ब्लड क्लॉट बनने के आम कारण
लंबे समय तक एक जगह बैठे रहना (लंबी यात्रा/बेड रेस्ट)
बढ़ती उम्र
दिल की बीमारी, हाई BP, डायबिटीज
सर्जरी या गंभीर चोट
धूम्रपान, मोटापा
शरीर में पानी की कमी।
ब्लड क्लॉट (Clot Buster) के ये 7 लक्षण न करें इग्नोर
कई बार ब्लड क्लॉट साफ दिखाई नहीं देता और लक्षणों को लोग थकान या मांसपेशियों की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इन संकेतों को समय पर पहचानना जान बचा सकता है।
अचानक सूखी खांसी: बिना कारण खांसी आना, जो दवा से ठीक न हो कभी-कभी खांसी में खून के धब्बे भी दिख सकते हैं (फेफड़ों में थक्का).
एक हाथ या पैर का ठंडा पड़ना: जिस अंग में थक्का हो, वहां खून का बहाव कम होने से ठंडापन, झुनझुनी या सुन्नता महसूस हो सकती है।
एक आंख में अचानक धुंधलापन: आंख की धमनियों में थक्का बनने पर अचानक दिखाई कम देना या कुछ देर के लिए दिखना बंद होना। यह मिनी स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
सांस लेते समय तेज दर्द या कंधे में तकलीफ: गहरी सांस पर सीने/कंधे/ऊपरी पीठ में चुभन जैसा दर्द अक्सर मांसपेशियों का दर्द समझ लिया जाता है।
एक पैर की त्वचा लाल, गर्म या खुजलीदार (बिना दाने): गहरी नस में थक्का (DVT) होने पर सूजन, लालिमा और गर्माहट महसूस होती है, आमतौर पर एक ही पैर में।
अचानक जबड़े में दर्द या दबाव: खासकर महिलाओं में दिल से जुड़ी समस्या का संकेत जबड़े/गर्दन में जकड़न के रूप में दिख सकता है।
घुटने के पीछे या कमर में सूजन: पेल्विक एरिया या घुटने के पीछे छिपे थक्कों में एक तरफ सूजन और हल्का दर्द दिख सकता है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अचानक सांस फूलना, सीने में दर्द
शरीर के किसी एक हिस्से में तेज सूजन/दर्द
अचानक बोलने, देखने या चलने में दिक्कत।
ब्लड क्लॉट (रक्त का थक्का) कैसे ठीक किया जाता है?
ब्लड क्लॉट का इलाज उसकी जगह, आकार और मरीज की हालत पर निर्भर करता है।
डॉक्टर आमतौर पर नीचे दिए गए तरीकों से इलाज करते हैं।
खून पतला करने वाली दवाएं (Blood Thinners)
इन्हें एंटी-कोएगुलेंट कहा जाता है।
ये दवाएं नया थक्का बनने से रोकती हैं और पुराने थक्के को धीरे-धीरे घुलने में मदद करती हैं।
इलाज कई हफ्तों या महीनों तक चल सकता है।
यह सबसे आम और सुरक्षित इलाज माना जाता है।

थक्का घोलने की दवा (Clot Buster / Thrombolysis)
जब थक्का बहुत बड़ा या जानलेवा हो, तब दी जाती है।
यह दवा सीधे थक्के को तेजी से घोलती है।
इसे ICU में कड़ी निगरानी में दिया जाता है, क्योंकि ब्लीडिंग का खतरा रहता है।
कैथेटर या सर्जरी से इलाज
अगर दवाओं से फायदा न हो, तो
कैथेटर के जरिए थक्का निकाला जाता है
या बहुत गंभीर स्थिति में सर्जरी की जाती है
यह तरीका चुनिंदा मामलों में ही अपनाया जाता है।
कंप्रेशन स्टॉकिंग्स (Compression Stockings)
खासकर पैरों में थक्का (DVT) होने पर
सूजन, दर्द कम करती हैं और दोबारा थक्का बनने से बचाती हैं।
इलाज के साथ जरूरी सावधानियां

नोट: डॉक्टर की बताई दवा समय पर और पूरी अवधि तक लें
लंबे समय तक एक जगह न बैठें
हल्की वॉक/फिजिकल एक्टिविटी (डॉक्टर की सलाह से)
खूब पानी पिएं
धूम्रपान और शराब से दूरी
अचानक सूजन, सांस फूलना, सीने में दर्द हो तो तुरंत अस्पताल जाएं।
क्या ब्लड क्लॉट पूरी तरह ठीक हो सकता है?
हां, अगर समय पर पहचान और सही इलाज मिल जाए तो
थक्का घुल सकता है
और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है
लेकिन देरी करने पर यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक या फेफड़ों की समस्या बना सकता है।
ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी दिखे तो खुद इलाज न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और इलाज से गंभीर खतरे टाले जा सकते हैं।