
नारी डेस्क: साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा मंगलवार 3 मार्च 2026 को यानी की आज लगने जा रहा है। भले ही आज पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, लेकिन भारत में आसमान देखने वाले लोग सिर्फ़ आंशिक चरण ही देख पाएंगे क्योंकि पूर्ण ग्रहण के दौरान चांद क्षितिज से नीचे होगा। भारतीय समय अनुसार 3:20 मिनट पर ग्रहण प्रारंभ हो जाएगा और शाम में 6:47 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। यहां चंद्रोदय के अनुसार, महज 25 मिनट ही ग्रहण दिखाई देगा।
3:20 पर शुरु होगा गहण
MP बिरला प्लैनेटेरियम के पूर्व डायरेक्टर (रिसर्च और एकेडमिक), डॉ. देबिनरोसाद दुआरी ने एएनआई से बात करते हुए बताया- "3 मार्च को यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। हालांकि, भारत से हम पूरा ग्रहण नहीं देख पाएंगे क्योंकि चांद हमारे क्षितिज से नीचे होगा। भारत से, केवल आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा... पूर्ण ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र से दिखाई देगा।” उन्होंने खगोलीय घटना के समय के बारे में और विस्तार से बताया- "आंशिक ग्रहण भारतीय मानक समय के अनुसार दोपहर लगभग 3:20 बजे शुरू होगा, और चांद धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा। शाम 4:34 बजे तक, पूर्ण ग्रहण शुरू हो जाएगा और शाम 5:32 बजे तक रहेगा, जिसका मतलब है कि चांद 58 मिनट के लिए पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में रहेगा।
रंगों की होली पर नहीं होगा ग्रहण का असर
दुआरी के अनुसार- यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा... इस ग्रहण का होली पर कोई असर नहीं पड़ेगा।” भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार, 3 मार्च, 2026 को कई टाइम ज़ोन में पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। यह घटना तब होती है जब पूरा चांद पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है। इसके विपरीत, आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब चांद का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में चला जाता है, पृथ्वी की परछाई। 3 मार्च को होने वाले पूर्ण चंद्र ग्रहण का मैग्नीट्यूड 1.155 होगा। यह ग्रहण पूरे भारत के साथ-साथ पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा।
शाम 6:22 बजे होगा चंद्रोदय
दिल्ली और कई शहरों में चंद्रोदय शाम में 6:22 मिनट पर होगा, जिसके बाद ही ग्रहण भारत के शहरों में दिखाई देगा ऐसे में भारत में चंद्रग्रहण की कुल अवधि 25 मिनट की ही रहेगी। भारत के संदर्भ में, ग्रहण का दिखना इलाके के हिसाब से अलग-अलग होगा। देश में ज़्यादातर जगहों पर चंद्रोदय के समय चंद्र ग्रहण का आखिरी हिस्सा दिखेगा। हालांकि, नॉर्थ-ईस्ट भारत के कुछ हिस्सों और अंडमान और निकोबार आइलैंड्स में, पूरे हिस्से का आखिरी हिस्सा भी दिखाई देगा। प्रातः 06:20 बजे इसका सूतक प्रारम्भ हो गया है।