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गर्दन चटकाने की आदत कहीं स्ट्रोक का खतरा तो नहीं? जानें कब बढ़ जाती है परेशानी

  • Edited By Monika,
  • Updated: 25 Jan, 2026 06:52 PM
गर्दन चटकाने की आदत कहीं स्ट्रोक का खतरा तो नहीं? जानें कब बढ़ जाती है परेशानी

नारी डेस्क : गर्दन में अकड़न या तनाव महसूस होते ही कई लोग उसे बिना सोचे-समझे चटका लेते हैं। गर्दन चटकाते ही आने वाली क्लिक की आवाज और तुरंत मिलने वाली राहत लोगों को यह आदत बार-बार दोहराने पर मजबूर कर देती है। लेकिन क्या यह आदत आगे चलकर किसी गंभीर खतरे, जैसे स्ट्रोक, का कारण बन सकती है? इसी सवाल पर डॉक्टर और फिजिशियन जरूरी जानकारी देते हैं।

गर्दन चटकाने पर असल में होता क्या है?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्दन चटकाने पर जो आवाज आती है वह अपने आप में खतरनाक नहीं होती। यह आवाज जोड़ों के अंदर मौजूद साइनोवियल फ्लूइड में बनी गैस बबल्स के अचानक रिलीज होने से आती है। इसी वजह से गर्दन चटकाने के बाद कुछ समय के लिए हल्कापन और आराम महसूस होता है। हालांकि डॉक्टर यह भी स्पष्ट करते हैं कि समस्या आवाज से नहीं, बल्कि बार-बार और जोर लगाकर गर्दन चटकाने की आदत से शुरू होती है। जब कोई व्यक्ति अपनी गर्दन को उसकी सामान्य सीमा से ज्यादा झटके के साथ मोड़ता है, तो गर्दन को सहारा देने वाले लिगामेंट्स धीरे-धीरे ढीले पड़ सकते हैं। इससे सर्वाइकल स्पाइन की स्थिरता कम हो जाती है और गर्दन की अंदरूनी संरचनाएं ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं, खासकर वे रक्त नलिकाएं जो दिमाग तक खून पहुंचाती हैं।

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कैसे बढ़ सकता है स्ट्रोक का खतरा?

डॉक्टरों के मुताबिक, बहुत जोरदार या अचानक गर्दन मूवमेंट से वर्टिब्रल और कैरोटिड आर्टरी पर दबाव पड़ सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में इससे आर्टरी की अंदरूनी परत फट सकती है, जिसे सर्वाइकल आर्टरी डिसेक्शन कहा जाता है। इस स्थिति में वहां खून का थक्का बन सकता है और अगर यह थक्का दिमाग तक पहुंचकर ब्लड फ्लो रोक दे, तो स्ट्रोक का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी साफ करते हैं कि ऐसे गंभीर मामले बहुत कम होते हैं। जो लोग कभी-कभार गर्दन चटकाते हैं, उनमें आमतौर पर स्ट्रोक जैसी समस्या नहीं होती। फिर भी मेडिकल साइंस में इस जोखिम का जिक्र किया गया है, इसलिए खुद से बार-बार और जोर लगाकर गर्दन चटकाने की सलाह नहीं दी जाती।

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गर्दन की जकड़न से राहत पाने के सुरक्षित तरीके

अगर गर्दन में बार-बार जकड़न या दर्द महसूस होता है, तो डॉक्टर इन उपायों की सलाह देते हैं।
हल्की स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी एक्सरसाइज करें
लंबे समय तक बैठते समय सही पोस्चर बनाए रखें
गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करें।
लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।

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गर्दन चटकाने की आवाज अपने आप में खतरनाक नहीं है, लेकिन इसे आदत बना लेना नुकसानदेह हो सकता है। बेहतर यही है कि गर्दन की जकड़न को एक्सरसाइज और सही पोस्चर से दूर किया जाए, न कि बार-बार गर्दन चटकाकर।
 

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