
नारी डेस्क: मिडिल ईस्ट में सुरक्षा की स्थिति अब बेहद तनावपूर्ण हो गई है। ईरान ने “ऑपरेशन फतह-ए-जंग” के तहत एकसाथ सात देशों पर मिसाइल हमले किए हैं। सबसे पहले ईरान ने इजराइल पर हमला किया, उसके बाद सऊदी अरब, बहरीन, कतर, जॉर्डन, यूएई और कुवैत में स्थित अमेरिकी बेसों को निशाना बनाया। इन हमलों में अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
ईरान ने सबसे पहले किया हमला
ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव पर मिसाइल बौछार की। इसके बाद इजराइल ने इमरजेंसी घोषित कर दी और सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं। ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी नेवल बेस को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी एफ-12 विमान तैनात थे। इस हमले में बेस को पूरी तरह नुकसान पहुंचा है। अबू धाबी के अमेरिकी बेस पर हमला होने के बाद यूएई में अलर्ट जारी किया गया। कतर के दोहा स्थित अमेरिकी बेस पर भी मिसाइल हमला किया गया। कतर सरकार ने अपने नागरिकों को बंकर में रहने के लिए कहा।
सऊदी अरब, जॉर्डन और कुवैत
सऊदी अरब: रियाद स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला किया गया।
जॉर्डन: अमेरिकी हेडक्वार्टर पर हमला हुआ, जहां एफ-22 विमान तैनात थे।
कुवैत: अमेरिकी बेस पर हमला करके ईरान ने संदेश दिया कि अगर संघर्ष जारी रहा तो मिडिल ईस्ट में व्यापक तबाही हो सकती है।
नागरिकों और भारतीयों के लिए चेतावनी
इस स्थिति में मिडिल ईस्ट में रह रहे सभी नागरिकों को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। भारतीय नागरिकों के लिए सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित निकालने में मदद करेगी। अमेरिका ने इस हमले को गंभीर लिया है और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत उपाय किए हैं। मिडिल ईस्ट के देशों ने भी हाई अलर्ट जारी कर अपने सैन्य बलों को तैनात कर दिया है।