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बारिश में मसूड़ों से आता है खून या रहती है मुंह से बदबू? जानिए इसके पीछे की वजह

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 22 Jul, 2026 10:56 AM
बारिश में मसूड़ों से आता है खून या रहती है मुंह से बदबू? जानिए इसके पीछे की वजह

नारी डेस्क: मानसून का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लेकर आता है, लेकिन कई लोगों के लिए यह ओरल हेल्थ से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ा देता है। अगर इन दिनों ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आता है, मुंह से लगातार बदबू रहती है या मसूड़ों में सूजन महसूस होती है, तो इसे केवल मौसम का असर समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी असली वजह मौसम नहीं, बल्कि इस दौरान हमारी बदलती खानपान और सफाई की आदतें होती हैं।

आखिर क्यों बढ़ जाती हैं मसूड़ों की समस्याएं

मानसून सीधे तौर पर मसूड़ों की बीमारी या मुंह की बदबू का कारण नहीं बनता। हालांकि, इस मौसम में लोगों की दिनचर्या में आने वाले बदलाव इन समस्याओं का खतरा जरूर बढ़ा देते हैं। बारिश के दिनों में लोग अक्सर चाय के साथ पकौड़े, मिठाइयां और अन्य मीठे स्नैक्स ज्यादा खाते हैं। इसके अलावा पानी कम पीते हैं और कई बार ओरल हाइजीन पर भी पहले जितना ध्यान नहीं दे पाते। इन कारणों से दांतों पर प्लाक तेजी से जमा होने लगता है और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। यही बैक्टीरिया मसूड़ों में सूजन, खून आने और मुंह से बदबू जैसी समस्याओं की वजह बनते हैं।

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प्लाक बढ़ने से हो सकती हैं कई परेशानियां

विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि दांतों पर जमा प्लाक को नियमित ब्रशिंग और दांतों के बीच की सही सफाई से नहीं हटाया जाए, तो धीरे-धीरे मसूड़ों में सूजन (जिंजिवाइटिस), कैविटी और लगातार सांसों से बदबू आने जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। मानसून के दौरान डेंटल क्लीनिकों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है, जिन्हें मसूड़ों से खून आना, सूजन, प्लाक जमा होना, दांतों में संवेदनशीलता और शुरुआती मसूड़ों की बीमारी की शिकायत रहती है। राहत की बात यह है कि समय पर इलाज और सही देखभाल से इन समस्याओं को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

क्या मुंह से बदबू सिर्फ खाने की वजह से आती है

अक्सर लोग मानते हैं कि मुंह से बदबू आने की वजह सिर्फ खानपान है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। डॉ. पारेख के मुताबिक, लगातार मुंह से बदबू आना मसूड़ों की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। जब मसूड़ों के किनारों पर प्लाक जमा हो जाता है, तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया फंसे हुए भोजन के कणों को तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में सल्फर यौगिक बनते हैं, जिनकी वजह से सांसों से तेज बदबू आने लगती है। यदि समय रहते इसका इलाज नहीं कराया जाए, तो यही समस्या आगे चलकर गंभीर गम डिजीज का रूप ले सकती है।

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किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है

कुछ लोगों में मसूड़ों की बीमारी का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक होता है। जिन लोगों की ओरल हाइजीन अच्छी नहीं होती, जो डायबिटीज से पीड़ित हैं, धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करते हैं या जिनके दांतों में ब्रेसेस लगे होते हैं, उनमें संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है। ब्रेसेस लगे होने पर दांतों के बीच खाना और प्लाक आसानी से फंस जाता है। ऐसे में दांतों और मसूड़ों की सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

यदि ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आए, मसूड़े लाल या सूजे हुए दिखाई दें, लगातार मुंह से बदबू आए, मसूड़ों में दर्द महसूस हो, मसूड़े पीछे हटने लगें या दांत ढीले लगने लगें, तो तुरंत दंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। ये सभी मसूड़ों की बीमारी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

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ऐसे रखें अपने मसूड़ों का ख्याल

मानसून में ओरल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार अच्छी तरह ब्रश करें और दांतों के बीच की सफाई के लिए डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें और समय-समय पर प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग करवाएं। साथ ही नियमित डेंटल चेकअप कराने से मसूड़ों और उन्हें सहारा देने वाली हड्डी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।
 
 
 

 

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