नारी डेस्क: ज्यादातर लोग मानते हैं कि हार्ट अटैक का सबसे बड़ा संकेत सीने में तेज दर्द होना है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई मामलों में दिल का दौरा बिना सीने में दर्द के भी पड़ सकता है। ऐसी स्थिति को अक्सर लोग पहचान नहीं पाते और समय पर इलाज न मिलने की वजह से परेशानी गंभीर हो सकती है। इसलिए हार्ट अटैक के उन लक्षणों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है, जो सामान्य लगते हैं लेकिन खतरे की घंटी हो सकते हैं।
क्या बिना सीने में दर्द के भी पड़ सकता है हार्ट अटैक
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अमर सिंघल के अनुसार, हां, बिना सीने में दर्द के भी हार्ट अटैक आ सकता है। कई बार यह स्थिति सामान्य हार्ट अटैक से भी ज्यादा खतरनाक साबित होती है, क्योंकि मरीज और उसके आसपास के लोग इसके संकेतों को पहचान नहीं पाते। डॉक्टर बताते हैं कि महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक के दौरान सीने में तेज दर्द की बजाय दूसरे लक्षण ज्यादा दिखाई देते हैं। यही वजह है कि ऐसे मामलों में इलाज शुरू होने में देरी हो जाती है।

इन लक्षणों को हल्के में न लें
अगर अचानक बिना किसी स्पष्ट कारण के शरीर में कुछ बदलाव महसूस होने लगें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हार्ट अटैक के दौरान कई लोगों में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं
अचानक सांस फूलना
जरूरत से ज्यादा थकान महसूस होना
ठंडा पसीना आना
चक्कर आना
मतली या उल्टी होना
बेचैनी या घबराहट महसूस होना
जबड़े, गर्दन, पीठ या बाएं हाथ में दर्द या भारीपन
डॉक्टर के मुताबिक, कई लोग इन संकेतों को गैस, कमजोरी, बदहजमी या सामान्य थकान समझकर अनदेखा कर देते हैं। यही लापरवाही बाद में गंभीर समस्या बन सकती है।
समय पर इलाज ही बचा सकता है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये लक्षण अचानक शुरू हों और कुछ मिनटों तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हार्ट अटैक के इलाज में हर मिनट की अहम भूमिका होती है। जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचता है, उतनी ही जल्दी हृदय तक रक्त प्रवाह बहाल किया जा सकता है और दिल की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है। इसलिए सिर्फ सीने में दर्द का इंतजार करना सही नहीं है।

खानपान की गलत आदतें भी बढ़ाती हैं खतरा
आजकल जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा रहा है। इस तरह का भोजन शरीर में एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) का स्तर बढ़ा सकता है। जब बैड कोलेस्ट्रॉल धमनियों की दीवारों में जमा होने लगता है, तो धीरे-धीरे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। इससे खून का थक्का (क्लॉट) बनने का खतरा बढ़ जाता है, जो हार्ट अटैक की बड़ी वजह बन सकता है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें
हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाना जरूरी है। संतुलित और पौष्टिक आहार लें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें, वजन नियंत्रित रखें और ब्लड प्रेशर, शुगर व कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच कराते रहें। अगर परिवार में पहले से हृदय रोग का इतिहास है या आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या है, तो किसी भी असामान्य लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।