नारी डेस्क : सड़क पर अचानक कोई कुत्ता भौंकते हुए आपकी तरफ बढ़ने लगे तो डरना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले लोग भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन अचानक दौड़ना या कुत्ते को डराने की कोशिश करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है। ऐसे समय में शांत रहना, कुत्ते को उकसाने से बचना और धीरे-धीरे सुरक्षित दूरी बनाना ज्यादा जरूरी है। खासकर बच्चों के मामले में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चे अक्सर कुत्ते के व्यवहार को ठीक से समझ नहीं पाते और खेल-खेल में ऐसी हरकत कर सकते हैं जिससे कुत्ता डर या आक्रामक हो जाए। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कुत्ता अचानक सामने आ जाए या हमला करने की कोशिश करे तो क्या करना चाहिए और काटने या खरोंच लगने के बाद कौन-सा कदम तुरंत उठाना जरूरी है।
कुत्ता अचानक सामने आ जाए तो सबसे पहले क्या करें?
अगर कोई अनजान कुत्ता आपकी तरफ बढ़ रहा है, तो दौड़कर भागने की कोशिश न करें। शांत रहें और अचानक हाथ-पैर चलाने या जोर से चिल्लाने से बचें। कुत्ते की आंखों में लगातार घूरकर देखने के बजाय अपनी नजर सामान्य रखें। अपने शरीर को थोड़ा बगल की ओर रखें और धीरे-धीरे पीछे हटें। कुत्ते को छूने, सहलाने या उसे डराने की कोशिश न करें। अगर आपके हाथ में बैग, जैकेट या छाता है, तो उसे अपने और कुत्ते के बीच एक रुकावट की तरह रखा जा सकता है। कोशिश करें कि कुत्ते और आपके बीच दूरी बनी रहे। मकसद कुत्ते से भिड़ना नहीं, बल्कि सुरक्षित जगह तक पहुंचना होना चाहिए।

कुत्ता हमला करने लगे तो क्या करें?
अगर कुत्ता झपटने लगे, तो उसे पकड़ने, मारने या उसके मुंह के पास हाथ ले जाने की कोशिश न करें। अचानक दौड़ने से बचें और खुद को बचाने पर ध्यान दें। अगर कुत्ता आपको जमीन पर गिरा देता है, तो पेट के बल लेटने के बजाय शरीर को सिकोड़कर गेंद जैसी मुद्रा में आने की कोशिश करें। सिर और गर्दन को दोनों हाथों से ढकें और चेहरे को बचाएं। इससे शरीर के संवेदनशील हिस्सों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। मदद के लिए आसपास कोई व्यक्ति मौजूद हो तो आवाज लगाएं, लेकिन कुत्ते को और उत्तेजित करने वाली हरकतों से बचें।
बच्चों को कुत्तों के साथ अकेला न छोड़ें
बच्चों के मामले में सावधानी और जरूरी हो जाती है। किसी भी कुत्ते को बच्चों के साथ बिना निगरानी के अकेला छोड़ना सुरक्षित नहीं माना जाता, चाहे वह घर का पालतू कुत्ता ही क्यों न हो। बच्चा खेलते समय कुत्ते की पूंछ या कान खींच सकता है, उसके खाने के दौरान उसे परेशान कर सकता है या उसके डर और तनाव के संकेत समझ नहीं सकता। इसलिए बच्चों को कुत्तों के आसपास सुरक्षित व्यवहार के बारे में भी समझाना चाहिए। किसी अनजान कुत्ते को छूने से पहले उसके मालिक से अनुमति लेना बेहतर है। अगर कुत्ता डरा हुआ, बीमार, बेचैन या आक्रामक नजर आ रहा है, तो उससे दूरी बनाए रखें।

कुत्ते के मालिक भी रखें इन बातों का ध्यान
कुत्ते की जिम्मेदारी सिर्फ उसे खाना खिलाने तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक जगहों पर उसे नियंत्रित रखना भी मालिक की जिम्मेदारी है। बाहर ले जाते समय जरूरत के अनुसार पट्टे का इस्तेमाल करें और उसके टीकाकरण को समय पर करवाएं। कुत्ते के व्यवहार को समझना और उसे लोगों तथा दूसरे जानवरों के आसपास सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सिखाना भी महत्वपूर्ण है। जिम्मेदार पेट ओनरशिप से कुत्ते के काटने की घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
कुत्ता काट ले या खरोंच लगा दे तो तुरंत क्या करें?
कुत्ते के काटने या खरोंच लगने पर घाव छोटा दिखाई दे, तब भी इसे हल्के में न लें। सबसे पहले घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं। इसके बाद बिना देरी किए डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। डॉक्टर घाव की स्थिति देखकर रेबीज से बचाव के लिए जरूरी उपचार, वैक्सीनेशन और अन्य चिकित्सा की जरूरत तय कर सकते हैं। घाव पर मिर्च, तेल, मिट्टी, तेज रसायन या कोई घरेलू नुस्खा लगाने से बचें। अगर सुरक्षित तरीके से संभव हो, तो डॉक्टर को कुत्ते और उसके मालिक से जुड़ी जानकारी दें। कुत्ते का टीकाकरण हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी भी उपयोगी हो सकती है।
नोट : कुत्ते के काटने के बाद लक्षण आने का इंतजार न करें। घाव की तुरंत सफाई और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है। रेबीज एक गंभीर बीमारी है, इसलिए संभावित exposure के बाद चिकित्सा सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।