
नारी डेस्क: अनुभवी फिल्म निर्माता, अभिनेता और पटकथा लेखक के. भाग्यराज का पार्थिव शरीर नुंगमबक्कम स्थित उनके घर पर रखा गया है, जहां परिवार, दोस्त, फिल्म इंडस्ट्री के लोग और हज़ारों प्रशंसक 'किंग ऑफ़ स्क्रीनप्ले' के नाम से मशहूर इस फिल्ममेकर को भावपूर्ण विदाई देने पहुंच रहे हैं। उन्हें राजकीय सम्मान दिया जाएगा। अपनी मृत्यु से बहुत पहले इस अनुभवी अभिनेता और निर्देशक ने अपनी आंखें दान करने का संकल्प लिया था, ताकि किसी और को देखने का मौका मिल सके।

सूत्रों के अनुसार परिवार ने उनके निधन के तुरंत बाद एक आई हॉस्पिटल को सूचित करके उस वादे को पूरा किया। थांथी टीवी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो से पुष्टि होती है कि डॉक्टरों की एक टीम उनके आवास पर पहुंची और कॉर्निया दान की प्रक्रिया पूरी की। उनकी कॉर्निया अब कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से पीड़ित लोगों की दृष्टि वापस लाने में मदद करेगी। डॉक्टरों के उनके आवास से निकलने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।

तेलंगाना की पूर्व गवर्नर तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी अपने X अकाउंट पर पुष्टि की- “मशहूर डायरेक्टर, एक्टर और राइटर मिस्टर भाग्यराज का निधन चौंकाने वाला है। मैंने अभी-अभी उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी उस समय मुझे यह खबर मिली कि उन्होंने अपनी आंखें दान कर दी हैं। यह सोच कि अपनी मृत्यु के बाद भी उन लोगों को रोशनी दी जाए जिनकी दृष्टि चली गई है इसकी जितनी भी तारीफ़ की जाए, कम है। जब ऐसे मशहूर लोग अपनी आंखें दान करते हैं, तो आम जनता में बहुत जागरूकता आती है। भारत में हर साल एक से दो लाख लोगों को कॉर्निया की ज़रूरत होती है, लेकिन देश में आंख दान के ज़रिए सिर्फ़ 45 से 50 हज़ार कॉर्निया ही मिल पाते हैं...”।