नारी डेस्क : बारिश का मौसम अपने साथ कई तरह के संक्रमण भी लेकर आता है। इन्हीं में से एक है कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis), जिसे आम भाषा में पिंक आई (Pink Eye) कहा जाता है। इस मौसम में अगर आपकी आंखें लाल हो रही हैं, उनमें खुजली, जलन, पानी आना या चिपचिपा स्राव हो रहा है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। ये वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण का संकेत हो सकता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द नेत्र विशेषज्ञ (Eye Specialist) से जांच कराना जरूरी है।
क्या है कंजंक्टिवाइटिस?
कंजंक्टिवाइटिस आंख की बाहरी पारदर्शी झिल्ली (Conjunctiva) में होने वाली सूजन या संक्रमण है। मानसून के दौरान वायरल कंजंक्टिवाइटिस सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। यह संक्रमण तेजी से फैलता है और परिवार, स्कूल या ऑफिस में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है।

कैसे फैलता है कंजंक्टिवाइटिस?
विशेषज्ञों के अनुसार, वायरल कंजंक्टिवाइटिस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क या उसकी इस्तेमाल की गई वस्तुओं के जरिए फैलता है। गंदे हाथों से आंख छूना, तौलिया, तकिया, रुमाल, मोबाइल फोन या अन्य व्यक्तिगत सामान साझा करना संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। यह केवल किसी की आंखों में देखने से नहीं फैलता।
कंजंक्टिवाइटिस के प्रमुख लक्षण
आंखों का लाल या गुलाबी हो जाना।
आंखों में खुजली या जलन महसूस होना।
लगातार पानी आना।
आंखों से चिपचिपा या गाढ़ा स्राव निकलना।
सुबह उठने पर पलकों का चिपक जाना।
आंखों में किरकिरापन महसूस होना।
तेज रोशनी से परेशानी (Light Sensitivity) होना।

कितने दिन तक रहता है संक्रमण?
आमतौर पर कंजंक्टिवाइटिस 7 से 14 दिनों के भीतर ठीक हो सकता है। संक्रमण फैलने का खतरा शुरुआती 3 से 5 दिनों में सबसे ज्यादा रहता है। इस दौरान संक्रमित व्यक्ति को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि परिवार या आसपास के अन्य लोग संक्रमित न हों।
संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां
साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
आंखों को बार-बार छूने या रगड़ने से बचें।
तौलिया, रुमाल, तकिया, मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस किसी के साथ साझा न करें।
मोबाइल फोन, दरवाजों के हैंडल और अन्य बार-बार छुई जाने वाली सतहों को नियमित रूप से साफ करें।
संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह मिलने तक स्कूल, ऑफिस या भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर आंखों के लाल होने के साथ निम्न लक्षण भी दिखाई दें, तो बिना देरी किए नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें
आंखों में तेज दर्द और धुंधला दिखाई देना।
तेज रोशनी से अत्यधिक परेशानी।
आंखों या पलकों के आसपास सूजन।
आंखों से पीला या हरा गाढ़ा स्राव निकलना।
2–3 दिनों तक कोई सुधार न होना या लक्षण बढ़ना।
समय पर इलाज कराने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है और आंखों को गंभीर नुकसान से भी बचाया जा सकता है।