
नारी डेस्क: अप्रैल का मौसम देखने में जितना सुहावना लगता है, बच्चों के लिए उतना ही चुनौती भरा हो सकता है। इस समय कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश होती है, जिससे बच्चों का शरीर जल्दी एडजस्ट नहीं कर पाता। दिन में गर्मी और रात में ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, गले में खराश और वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही हवा में नमी और धूल की वजह से एलर्जी और स्किन से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं।
सही कपड़े पहनाना है जरूरी
इस मौसम में बच्चों को बहुत भारी या बहुत हल्के कपड़े पहनाने से बचें। सबसे अच्छा तरीका है कि उन्हें लेयर (एक से ज्यादा कपड़े) में तैयार करें, ताकि जरूरत के अनुसार कपड़े कम या ज्यादा किए जा सकें। खासकर सुबह-शाम के समय हल्की ठंड रहती है, इसलिए बाहर जाते समय जैकेट या शॉल साथ रखना फायदेमंद होता है।

खानपान पर दें विशेष ध्यान
बदलते मौसम में बच्चों की डाइट का खास ख्याल रखना जरूरी है। उन्हें ताजे फल और हरी सब्जियां खिलाएं, जो विटामिन से भरपूर हों और उनकी इम्युनिटी मजबूत करें। ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स आदि देने से बचें, क्योंकि इससे सर्दी-खांसी बढ़ सकती है। साथ ही बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं, ताकि उनका शरीर हाइड्रेटेड रहे।
साफ-सफाई और अच्छी आदतें अपनाएं
इस मौसम में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए बच्चों को साफ-सफाई की आदतें सिखाना बहुत जरूरी है। जैसे बाहर से आने के बाद हाथ-पैर धोना, रोज नहाना और साफ कपड़े पहनना। इसके अलावा बच्चों को समय पर सोने की आदत डालें, ताकि उनकी नींद पूरी हो और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बने।

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें
अगर सभी सावधानियों के बावजूद बच्चा बीमार पड़ जाता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है, ताकि बीमारी बढ़ने से पहले ही उसका इलाज किया जा सके।