
नारी डेस्क: त्वचा मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग है और यह शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य स्थितियों के सबसे स्पष्ट संकेतकों में से एक है। अगर बात बच्चों की कि जाए तो उनकी स्किन सिर्फ बाहरी सुंदरता नहीं दिखाती, बल्कि उनकी अंदरूनी सेहत का आईना भी होती है। कई बार पोषण की कमी (न्यूट्रिशनल डिफिशिएंसी) के संकेत सबसे पहले स्किन पर ही दिखाई देते हैं।

बच्चों की त्वचा में दिखने वाले इन चेतावनी संकेतों को ना करें नजरअंदाज
सूखी और बेजान त्वचा: अगर बच्चे की स्किन बहुत ड्राई, खुरदरी या फटी हुई लगती है, तो यह विटामिन A की कमी या हेल्दी फैट्स की कमी का संकेत हो सकता है।
बार-बार रैशेज या लाल दाने: त्वचा पर बार-बार लाल चकत्ते या रैशेज दिखना विटामिन B कॉम्प्लेक्स की कमी की ओर इशारा कर सकता है।
होंठों का फटना और किनारों पर कट: अगर बच्चे के होंठ बार-बार फटते हैं या मुंह के किनारों पर दरारें पड़ती हैं, तो विटामिन B2 की कमी हो सकती है।
त्वचा का पीला या फीका पड़ना: स्किन का रंग अचानक फीका या पीला दिखना, आयरन की कमी (एनीमिया) का संकेत हो सकता है।
घाव का देर से भरना: अगर बच्चे के छोटे-छोटे घाव भी जल्दी ठीक नहीं होते, तो विटामिन C की कमी हो सकती है।

माता-पिता करें ये काम
बच्चों की डाइट में हरी सब्जियां, फल, दूध, दालें और नट्स शामिल करें। जंक फूड और पैकेज्ड फूड कम करें, रोज़ाना धूप और एक्टिविटी जरूरी है। जरूरत हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट दें। ध्यान रखें कि बच्चों की स्किन पर दिखने वाले छोटे-छोटे बदलाव बड़ी कमी का संकेत हो सकते हैं। समय रहते पहचान और सही पोषण देने से आप बच्चे की हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं। बच्चों की त्वचा बोले तो समझिए, शरीर कुछ कहना चाहता है।