
नारी डेस्क: नोएडा के एक वाटर पार्क में नहाते समय 21 वर्षीय युवक की कथित तौर पर तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई । घटना मंगलवार शाम सेक्टर-38ए स्थित एक वाटर पार्क की है, जहां अपने परिवार के साथ आए ग्रेटर नोएडा निवासी द्रोण शर्मा की पूल में नहाने के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अब इस घटना ने लोगों के मन में एक डर पैदा कर दिया है। लोगों के मन में सवाल उठ रह है कि क्या पानी से भी किसी की जान जा सकती है।
परिवार के सदस्य भी थे साथ
पुलिस के मुताबिक घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर मौजूद थे और परिजनों ने इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। जानकारी के मुताबिक सभी लोग सामान्य तरीके से पानी का आनंद ले रहे थे, युवक भी पूल में नहा रहा था । उस दौरान स्विमिंग पूल में वेव यानी लहरें चल रही थी, ऐसे में युवक की अचानक तबीयत खराब हो गई वह खुद को संभाल नहीं पाया, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत उसे पानी से बाहर निकाला गया।
क्या पानी में भी आ सकता है पैनिक अटैक?
वॉटर पार्क में पैनिक अटैक एक अचानक और बहुत ज़्यादा डर वाला रिएक्शन होता है। यह अक्सर बंद वॉटरस्लाइड, भीड़ भरे पूल या गहरे पानी की वजह से होता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत या चक्कर आने जैसे शारीरिक लक्षण दिखाई देते हैं। इसके मुख्य कारणों में स्लाइड में फंस जाने का डर, डूबने का डर या बहुत ज़्यादा सेंसरी इनपुट शामिल हैं। इसे सांस को कंट्रोल करके, स्टाफ़ से बात करके या एक्सपोज़र टेक्नीक का इस्तेमाल करके मैनेज किया जा सकता है
वॉटर पार्क में घबराहट को काबू करने के टिप्स
अगर आपको घबराहट महसूस हो, तो चलना बंद कर दें, किसी मज़बूत चीज़ को पकड़ लें, और धीरे-धीरे, गहरी और एक लय में सांस लेने पर ध्यान दें।अगर स्लाइड पर या पानी में घबराहट का दौरा पड़े, तो तुरंत मदद पाने के लिए अपना हाथ हिलाकर इशारा करें। शांत होने के लिए किसी कम गहरे हिस्से में या पूरी तरह से पानी से बाहर निकल जाएं। जिन लोगों को गंभीर फोबिया (डर) होता है, उनके लिए विशेषज्ञ अक्सर पानी या बंद जगहों के डर को काबू करने के लिए CBT (कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी) या एक्सपोज़र थेरेपी की सलाह देते हैं।