नारी डेस्क: वेजीटेरियन डाइट सबसे बहतरीन डाइट मानी जाती हैं , बता दे कि कैंसर को लेकर अक्सर ये सवाल उठता हैं कि क्या वेजीटेरियन डाइट अपनाने से कैंसर की बीमारी जल्दी ठीक हो सकती हैं या फिर इसका खतरा कुछ हद तक कम हो सकता हैं तो आपको बता दे हाल ही में आई एक बड़ी रिसर्च ने इस बहस को और गहरा कर दिया है। चालिए आपको बताते हैं कि ऐसा सच हैं या फिर यह एक मिथ हैं .....
क्या कहती है नई रिसर्च?
ब्रिटेन की मशहूर University of Oxford के वैज्ञानिकों द्वारा की गई एक बड़ी स्टडी में करीब 18 लाख लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इस रिसर्च में अलग-अलग तरह की डाइट फॉलो करने वाले लोगों जैसे मांसाहारी, मछली खाने वाले, पोल्ट्री लेने वाले, वेजीटेरियन और वीगन की तुलना की गई। यह स्टडी British Journal of Cancer में प्रकाशित हुई, जिसमें पाया गया कि शाकाहारी लोगों में कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा अपेक्षाकृत कम देखा गया।

किन कैंसर का खतरा कम पाया गया?
रिसर्च के मुताबिक, वेजीटेरियन लोगों में कई तरह के कैंसर का जोखिम कम पाया गया, जैसे पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा करीब 21% कम हो जाता है वही ब्रेस्ट कैंसर का खतरा लगभग 9% कम, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 12% तक कम और किडनी कैंसर का जोखिम 28% कम, मल्टीपल मायलोमा का खतरा 31% तक कम हो जाता हैं।
क्या वेजीटेरियन डाइट से कैंसर जल्दी ठीक हो जाता है?
यहां एक बात साफ समझना जरूरी है इस स्टडी में कहीं भी यह साबित नहीं हुआ कि वेजीटेरियन डाइट से कैंसर जल्दी ठीक हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह रिसर्च सिर्फ कैंसर के खतरे (risk) पर आधारित है, न कि इलाज (recovery) की गति पर। कैंसर से रिकवरी कई चीजों पर निर्भर करती है जैसे बीमारी की स्टेज, सही समय पर इलाज, मरीज की ओवरऑल हेल्थ और अपनाई जा रही मेडिकल थेरेपी। सिर्फ डाइट के आधार पर यह कहना कि कोई व्यक्ति जल्दी ठीक हो जाएगा, सही नहीं है।

कैसे कम हो सकता है कैंसर का खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्लांट-बेस्ड डाइट यानी फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं। इनमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कम सैचुरेटेड फैट होता है, जो शरीर में सूजन (inflammation) कम करता है। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। पाचन तंत्र को बेहतर करता है। इसके अलावा, वेजीटेरियन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) आमतौर पर कम होता है, जो कई तरह के कैंसर के जोखिम को घटाने से जुड़ा माना जाता है।
सिर्फ शाकाहारी होना ही काफी नहीं
डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ वेजीटेरियन होना ही हेल्दी होने की गारंटी नहीं है। अगर आपकी डाइट में ज्यादा तला-भुना या सिर्फ कार्बोहाइड्रेट है तो इससे मोटापा और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है जो आगे चलकर कैंसर के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आहार संतुलित और पौष्टिक हो, चाहे वह शाकाहारी हो या मांसाहारी।