नारी डेस्क: गर्मियों का मौसम आते ही धूप तेज हो जाती है और इसके साथ ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। धूप के कारण कई तरह की स्किन समस्या हो जाती है। इन्हीं में से एक गंभीर समस्या है स्किन कैंसर। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा की कोशिकाएं (सेल्स) असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। जो अक्सर यूवी (UV) प्रकाश या धूप के संपर्क में आने से होती है। प्रमुख लक्षणों में त्वचा पर नए दाग, तिल का रंग/आकार बदलना, या घाव का न भरना शामिल है। यह मुख्य रूप से चेहरा, गर्दन और हाथों पर होता है। समय पर पहचान और सनस्क्रीन के उपयोग से इसका बचाव और इलाज संभव है। चलिए जानते है कि इस समस्या से कैसे बच सकते हैं।
गर्मियों में ही क्यों बढ़ जाता है स्किन कैंसर का खतरा?
वैसे तो स्किन कैंसर की समस्या किसी भी मौसम में हो सकती है, लेकिन गर्मी में इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है। गर्मियों में सूरज की किरणें सीधी और ज्यादा तेज होती हैं। इस वजह से UV किरणों का असर भी ज्यादा हो जाता है। जब हम लंबे समय तक धूप में रहते हैं, तो ये किरणें त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। इसलिए इस समस्या का खतरा बढ़ जाता है।
स्किन कैंसर के कारण
मैक्स हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर के अनुसार, दोपहर की धूप सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। बार-बार सनबर्न होना त्वचा को कमजोर करता है, बिना सनस्क्रीन या सुरक्षा के बाहर निकलना जोखिम बढ़ाता है। पसीना और धूल-मिट्टी भी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है। जिन लोगों की त्वचा गोरी या संवेदनशील होती है, उनमें खतरा ज्यादा होता है। जो लोग रोज लंबे समय तक बाहर काम करते हैं, उन्हें ज्यादा सावधान रहना चाहिए। इसलिए इस समस्या से बचने के लिए लोगों को अपनी स्किन का ध्यान रखना चाहिए।
स्किन कैंसर के लक्षण और इन संकेतों का रखें ध्यान
जानकारी के मुताबिक, स्किन कैंसर की शुरुआत में लक्षण हल्के होते हैं, इसलिए इन्हें पहचानना जरूरी है। जैसे त्वचा पर नया तिल या दाग बनना, पुराने तिल का आकार, रंग या बनावट बदलना, कोई घाव लंबे समय तक ठीक न होना, त्वचा में खुजली या जलन होना, लाल, काले या भूरे रंग के असामान्य पैच दिखना। इस संकेतों का ध्यान रखना चाहिए और ये लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

कैसे करें बचाव?
स्किन कैंसर से बचाव के लिए कुछ आसान उपाय अपनाना बहुत जरूरी है। जैसे बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं, फुल स्लीव कपड़े पहनें, टोपी, छाता या सनग्लास का इस्तेमाल करें, तेज धूप (खासतौर पर दोपहर) में बाहर जाने से बचें, त्वचा को साफ और हाइड्रेटेड रखें, समय-समय पर अपनी त्वचा की जांच करते रहें और एक भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाए और इस समस्या से बचें।